Agriculture Success Story: गुमला के घाघरा प्रखंड के इटकीरी गांव के किसान सहदेव पहान ने साबित कर दिया है कि डिग्री नहीं, जमीन से जुड़ा ज्ञान भी जिंदगी बदल सकता है. जिले में बड़े उद्योग न होने और 95 प्रतिशत आबादी के गांवों में बसने के बीच सहदेव ने खेती को ही अपना उद्योग बना लिया है. कभी सिर्फ धान पर निर्भर रहने वाला यह परिवार आज धान, गेहूं के साथ फूलगोभी, बैंगन, मटर, टमाटर, आलू जैसी विविध फसलों से सालाना लाखों कमा रहा है. पिछले 3 साल से सहदेव तरबूज को कैश क्रॉप के रूप में उगा रहे हैं. इस साल उन्होंने 1.5 एकड़ में तरबूज लगाया. जिस पर 15-20 हजार रुपए खर्च कर करीब 2 लाख रुपए की आमदनी की उम्मीद है. खेती से उन्होंने न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई, शादी और पक्का मकान बनाया, बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया. उनका तरबूज घाघरा प्रखंड से निकलकर जिले के कई इलाकों तक पहुंच रहा है.





