‘असली बॉस कौन, ये साफ हो गया’, मोदी-ट्रंप की कॉल पर मस्क की जासूसी वाली अफवाह पर भड़के अमेरिकी अर्थशास्त्री

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‘बॉस कौन,ये साफ हो गया’, मोदी-ट्रंप की कॉल पर क्‍यों बोले अमेरिकी अर्थशास्त्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप की फोन कॉल पर एलन मस्क की मौजूदगी की अफवाह पर जेफरी सैक्स ने तंज कसा है. उन्‍होंने व्हाइट हाउस में असली बॉस और अमेरिकी सिस्टम के पतन पर कड़ा हमला.

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Jeffrey Sachs अमेर‍िका के बड़े अर्थशास्‍त्री हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 24 मार्च को फोन पर बातचीत हुई थी. लेकिन इस कॉल के बाद अमेरिकी मीडिया में कहा गया कि इस बेहद अहम और गोपनीय फोन कॉल के दौरान टेक अरबपति एलन मस्क भी लाइन पर मौजूद थे और चुपचाप पूरी बात सुन रहे थे! भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ कर दिया कि लाइन पर सिर्फ पीएम मोदी और ट्रंप थे. अमेरिका के टॉप अर्थशास्त्री और विदेश नीति के दिग्गज एक्सपर्ट जेफरी सैक्स ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि अगर मस्क वाकई इस कॉल पर थे, तो यह साफ दिखाता है कि व्हाइट हाउस में अब ‘असली बॉस’ कौन है .

ANI को दिए इंटरव्यू में जब सैक्स से एलन मस्क की मौजूदगी की अफवाहों पर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब अमेरिकी सिस्टम की बखिया उधेड़ने वाला था. उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति अमेरिका के अंदर एक गहरे इंस्‍टीट्यूशनल क्राइस‍िस की तरफ इशारा करती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर यह बात सच है और जिस तरह से आप मुझे बता रहे हैं, मैं मान लेता हूं कि यह सच है तो यह अमेरिका में सामान्य शासन व्यवस्था के पूरी तरह से ढह जाने का सबूत है. दूर से देखने में यह एक बहुत बड़ी और ताकतवर संघीय सरकार लगती है, लेकिन अंदर से अब कोई ढांचागत फैसले नहीं लिए जा रहे हैं. सच तो यह है कि अब इस पूरे सिस्टम के टॉप पर एक ‘छोटी सी गैंग’ का कब्जा हो चुका है.

एलन मस्क: अमेरिका के ‘अघोषित प्रधानमंत्री’?

जेफरी सैक्स ने यह तो माना कि उन्हें इस कॉल से जुड़ी खबर की पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने जो ताना मारा, वह सीधा ट्रंप प्रशासन पर था. उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि एलन मस्क इस फोन कॉल पर क्या कर रहे थे. लेकिन जब प्रशासन के शुरुआती दिनों में मस्क हर जगह छाए रहते थे, तब मैं उन्हें मजाक में ‘अमेरिका का प्रधानमंत्री’ कहा करता था. सैक्स ने इस पूरी स्थिति को अजीबोगरीब करार दिया.

सिलिकॉन वैली ने अमेरिकी सरकार को खरीदा

सैक्स यहीं नहीं रुके. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि अमीर टेक अरबपतियों का बढ़ता रसूख अमेरिका की राजनीतिक सत्ता को अपने हिसाब से नचा रहा है. सिलिकॉन वैली ने इस सरकार की कीमत चुकाई है, सैक्स ने आक्रामक अंदाज में कहा. यह अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था के पतन का एक और चेहरा है. अमेरिका का पूरा सिस्टम अब पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुका है. उनका मानना है कि अमेरिका की सत्ता अब जनता के हाथ में नहीं, बल्कि ‘बाहरी पैसे’ और लॉबिंग के हाथ में है. उन्होंने अमेरिकी नीतियों को तय करने में ‘इजरायल लॉबी’ और ‘सिलिकॉन वैली’ के खतरनाक गठजोड़ की तरफ भी इशारा किया.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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