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आगरा किले के ‘पाताल’ में दफन हैं मुगलकालीन रहस्य? जानें बंद दरवाजों के पीछे का सच!

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Agra Fort: उत्तर प्रदेश के आगरा में कई वर्षों तक मुगलों का शासन रहा. यही कारण है कि आगरा में आज भी कई मुगलकालीन इमारतें मौजूद हैं. आगरा किले में रहकर वर्षों तक मुगल बादशाहों ने राज किया था. मुगलकाल के बाद ब्रिटिश शासन के दौरान भी आगरा किले का भरपूर इस्तेमाल किया गया. इतिहासकारों के अनुसार, आगरा किले के नीचे कई तरह की मुगलकालीन गुफाएं, मलबा, गुप्त रास्ते और ब्रिटिश काल की तोपें हो सकती हैं.

युद्ध और सुरक्षा के लिए बने थे गुप्त रास्ते
इतिहासकार बताते हैं कि मुगलकाल में मुगल बादशाह अन्य राजाओं से युद्ध के दौरान छुपने और सुरक्षित निकलने के लिए अलग-अलग गुप्त रास्तों या गुफाओं का इस्तेमाल करते थे. इसी सामरिक आवश्यकता के कारण उस दौर में इस तरह के रास्तों का निर्माण कराया गया था. हालांकि, वर्तमान में यह सब बंद किया जा चुका है. इतिहासकारों का दावा है कि आगरा किले का 75% से अधिक हिस्सा आज भी आम पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित है. यदि इन हिस्सों को खोला जाए, तो इतिहास के कई बड़े रहस्य सामने आ सकते हैं.

एएसआई (ASI) के अधीन संरक्षित धरोहर
वर्तमान में आगरा किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन है. इतिहासकारों का कहना है कि आगरा किले के नीचे पुरानी इमारतों के मलबे, गुफा, रहस्यमयी रास्ते और तोपें होने का जिक्र अक्सर किया जाता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इनकी पुष्टि करना कठिन है. यह विश्व की ऐसी धरोहर है जिसके मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है.

लाल बलुआ पत्थर से निर्मित विशाल दुर्ग
आगरा के इतिहास में रुचि रखने वाले इतिहासकार मयंक दीक्षित ने बताया कि आगरा किले का इतिहास अत्यंत प्राचीन है. उन्होंने कहा कि यह यमुना नदी के किनारे बना एक विशाल किला है. आगरा किले के निर्माण में राजस्थान के लाल बलुआ पत्थरों का प्रयोग किया गया है, जिस कारण इसे ‘आगरा का लाल किला’ भी कहा जाता है. इतिहासकार ने बताया कि इस किले को मुगल बादशाह अकबर ने सन 1565 में बनवाना शुरू किया था, जो सन 1573 में बनकर तैयार हुआ था.

आपातकालीन स्थिति के लिए बनी थीं सुरंगें
इस किले में कई वर्षों तक अलग-अलग बादशाहों ने निवास किया. समय-समय पर विभिन्न शासकों ने अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें निर्माण कार्य भी कराए. बताया जाता है कि उसी दौरान मुगल बादशाहों द्वारा आगरा किले के नीचे कई तरह के गुप्त रास्ते और गुफाएं बनवाई गई थीं. इन रास्तों का इस्तेमाल मुगल आपातकालीन स्थितियों में किया करते थे. ब्रिटिश काल के दौरान जब अंग्रेजों ने आगरा किले पर कब्जा किया, तब उन्होंने भी भारी मात्रा में सैन्य साजो-सामान किले के निचले हिस्सों में सुरक्षित रखा था.

खुदाई में मिल चुकी हैं ब्रिटिश कालीन तोपें
इतिहासकार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि सन 1999 में दिल्ली गेट के पास खाई की सफाई के दौरान अंग्रेजों के समय की तीन तोपें बरामद हुई थीं. इसी आधार पर यह अंदाजा लगाया जाता है कि आगरा किले के नीचे ब्रिटिश काल की अन्य तोपें भी दबी हो सकती हैं, हालांकि इसका कोई ठोस प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है.

ताजमहल तक जाती हैं गुप्त सुरंगें?
मयंक दीक्षित ने आगे बताया कि आगरा किले के नीचे मुगलकालीन समय की कई सुरंगें और गुप्त रास्ते मौजूद हो सकते हैं. उस समय के शासक युद्ध और बाहरी आक्रमणों से बचने के लिए इन्ही रास्तों का सहारा लेते थे. चर्चा यह भी रहती है कि आगरा किले के अंदर से ताजमहल और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों तक जाने के लिए भी गुप्त मार्ग बनाए गए थे. हालांकि, सदियों से बंद रहने और उचित रखरखाव के अभाव में अब ये सुरंगें और रास्ते मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो चुके होंगे.



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