Rubika Liyaquat Show: इजराइल-ईरान युद्ध में पाकिस्तान सच में बन गया मीडिएटर? भारत का क्या है रोल?
Rubika Liyaquat Show: आज संसद में सर्वदलीय बैठक हुई. बैठक का मकसद वेस्ट एशिया में जारी युद्ध और उससे पैदा हुए हालात पर सभी दलों को जानकारी देना था. सरकार ने देश के राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि बताते हुए विपक्ष को अपनी रणनीति समझाई. बैठक में कुछ दलों ने समर्थन जताया, कुछ ने पारदर्शिता और इंटेलिजेंस पर सवाल उठाए. ममता बनर्जी की टीएमसी बैठक का बहिष्कार कर रही थी. इस बीच विपक्ष ने दावा किया कि पाकिस्तान अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और अन्य नेताओं ने विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान शांति प्रक्रिया में अहम रोल निभा रहा है. हालांकि, इजराइल के एंबेसडर रूवैन अजहर ने कहा कि नेगोशिएशन और फेसीलिटेशन में अंतर है, और कई देश केवल प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद कर रहे हैं. भारत की स्थिति इस समय स्थिर और नियंत्रित बताई गई है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में तेल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी. अब दो बड़े सवाल खड़े होते हैं पहला- क्या मोदी‑विरोध के नाम पर कांग्रेस पाकिस्तान‑प्रेम और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय ‘लीडरशिप’ को बढ़ा‑चढ़ाकर दिखा रही है? दूसरा- क्या वेस्ट एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष अपने सियासी हमले नरम कर राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़ा होगा, या पहले की तरह अंदर समर्थन और बाहर राजनीति का दोहरा रुख जारी रहेगा?





