इस बड़े बैंक को बेचने की तैयारी में सरकार, खोज रही दो खरीदार, प्राइवेट हाथों में जाएगा 60 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍सा

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IDBI Disinvestment : सरकार देश के बड़े बैंक में अपनी करीब 30 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है. इसमें एलआईसी की भी बड़ी हिस्‍सेदारी और दोनों मिलकर 60 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍सा निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहे हैं. वैसे तो सरकार पिछले 3 साल से इसकी कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक विनिवेश को अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है.

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सरकार ने आईडीबीआई बैंक में 30 फीसदी हिस्‍सा बेचने की तैयारी कर ली है.

नई दिल्‍ली. सरकार ने एक और बड़े बैंक में अपनी बड़ी हिस्‍सेदारी बेचने की तैयारियां शुरू कर दी है. मामले से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए दो संभावित खरीदारों की तलाश चल रही है. इससे पहले भी दोनों खरीदरों ने अपने पत्‍ते खोले थे, लेकिन तब उनकी बोली बैंक के लिए आरक्षित रखे गए मूल्‍य से भी कम थी. लिहाजा सरकार ने इन दोनों से संशोधित बोली मंगाई है. इसका मतलब है कि दोनों बोलीदाताओं को अपनी रकम बढ़ाकर पेश करनी होगी.

एक वरिष्‍ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार आईडीबीआई बैंक के दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोली मांग सकती है, क्योंकि उनकी मूल बोली की राशि उस आरक्षित मूल्य से कम थी, जो इस बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए तय किया गया था. आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री तकनीकी मूल्यांकन के चरण में है. पश्चिम एशिया संकट के बीच अधिकारी का कहना है कि सरकार विनिवेश और संपत्ति मुद्रीकरण के जरिए संसाधन जुटाने और वैश्विक अनिश्चितता से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए वित्तीय जगह बनाने पर निर्भर है.

3 साल से जारी है कोशिश
आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की कोशिश सरकार बीते 3 साल से कर रही है. इन कोशिशों के बाद आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री वित्तीय बोली के अंतिम चरण में पहुंच गई थी और सरकार इस प्रक्रिया को फिर से शुरू नहीं करना चाहती ताकि और देरी न हो. सरकार और एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे थे और अक्टूबर 2022 में इसके लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जारी किया गया था. वित्तीय बोलियां 6 फरवरी को आई थीं.

सरकार ने तय किया था आरक्षित मूल्‍य
सरकार ने रणनीतिक बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य तय किया है. हालांकि, आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए जो वित्तीय बोलियां आईं, वे वित्त मंत्रालय के सचिवों की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा तय आरक्षित मूल्य से कम थीं. इसके चलते आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री में रुकावट आ गई. सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए फिर से काम शुरू कर दिया है.

किस कंपनी ने लगाई बोली
खबरों के मुताबिक, प्रेम वत्सा के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए बोली लगाई है. फिलहाल, सरकार और सरकारी स्वामित्व वाली एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 94.71 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं. इसमें सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी और एलआईसी की 49.24 फीसदी है. इसमें से सरकार और एलआईसी मिलकर 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं. अक्टूबर 2022 में, सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए ईओआई आमंत्रित किया था. केंद्र और एलआईसी इसमें क्रमशः 30.48 फीसदी और 30.24 फीसदी हिस्सेदारी घटाने की योजना बना रहे हैं.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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