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EID Festival 2026: ईद 2026 के मौके पर नमाज के दौरान हजारों लोगों ने खुदा के सजदे में सिर झुकाकर अमन और भाईचारे का संदेश दिया. नमाज के बाद खास तौर पर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर शांति और सुकून की दुआ मांगी गई. लोगों ने दुनिया में शांति कायम रहने और आपसी सौहार्द बढ़ाने की अपील की. इस दौरान मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. Eid का यह संदेश न केवल धार्मिक आस्था बल्कि वैश्विक शांति की कामना को भी दर्शाता है.
बाड़मेर. पश्चिम सरहद पर बसे बाड़मेर में ईद उल फितर का त्यौहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया. ईदगाह मैदान में हजारों नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा की जहां खुदा के सजदे में शीश झुकाकर और दुआओं में अमन-चैन व खुशहाली की कामना की गई है. इसके साथ ही ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे हालात को लेकर भी अमन-चैन की विशेष प्रार्थना की गई.
रमजान के पाक महीने के समापन के बाद शनिवार को बाड़मेर जिले भर में ईद उल फितर का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. बाड़मेर शहर के ईदगाह मैदान में भी जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दिकी की सरपरस्ती में ईद की नमाज अदा कर मुल्क में अमन और चैन की दुआएं मांगी गई है.
गले मिलकर “ईद मुबारक” कहा
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर “ईद मुबारक” कहा. बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला. इसके बाद सुबह 8:45 बजे स्नेह मिलन एवं कौमी एकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम में आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया. कौमी एकता कार्यक्रम में बाड़मेर विधायक ड़ॉ प्रियंका चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा सहित सर्व समाज के लोग मौजूद रहे.
मीठी ईद पर गले मिलकर दी शुभकामनाएं, ईदी का होता है विशेष महत्व
ईद-उल-फितर का दूसरा नाम मीठी ईद भी है क्योंकि इस दिन खासतौर पर खीर खुरमा, सेवइयां जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं. घरों को खूबसूरती से सजाया जाता है और मिल-जुलकर खुशियां बांटने की परंपरा निभाई जाती है. बच्चों के लिए ईदी का खास महत्व होता है. बड़े बुजुर्ग अपने प्यार और आशीर्वाद के रूप में बच्चों को पैसे और तोहफे देते हैं.
ईरान-इजराइल और खाड़ी देशों के मध्य युद्ध को लेकर की शांति की अपील
बाड़मेर के ईदगाह मैदान में ईद उल फितर की नमाज के दौरान न सिर्फ खुशियों की दुआएं मांगी गईं बल्कि वैश्विक तनाव, खासकर ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे हालात को लेकर भी अमन-चैन की विशेष प्रार्थना की गई. पेश ईमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दिकी बताते है कि ईदगाह मैदान में भारत विश्व गुरु बने और आपसी भाईचारा कायम रहे इसलिए विशेष नमाज अदा की गई है.
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