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Bharatpur News Hindi : भरतपुर के अपना घर आश्रम में मानवता और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां तीन साल से लापता नियाज मोहम्मद अपने परिवार से मिल पाए. मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से भटके नियाज का आश्रम में इलाज हुआ और पहचान मिलने पर परिजनों से संपर्क हुआ. ईद से पहले हुए इस मिलन ने सभी को भावुक कर दिया.
भरतपुर : भरतपुर में ईद के एक दिन पूर्व मानवता सेवा और संवेदनशीलता का एक बेहद भावुक और हृदयस्पर्शी दृश्य अपना घर आश्रम भरतपुर में देखने को मिला जब करीब तीन वर्षों से बिछड़े दो भाइयों का पुनर्मिलन हुआ इस मार्मिक क्षण को देखकर आश्रम में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भावनाओं से भर उठा जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर निवासी नियाज मोहम्मद मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण लगभग तीन वर्ष पहले बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे.
परिजनों ने उनकी हर संभव जगह तलाश की रिश्तेदारों से संपर्क किया और आसपास के कई जिलों में खोजबीन की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका. समय बीतने के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ने लगीं फिर भी परिवार को उनके लौटने का इंतजार बना रहा भटकते हुए नियाज मोहम्मद 9 अक्टूबर 2023 को पीलीभीत क्षेत्र में मिले जहां से उन्हें अपना घर आश्रम भरतपुर लाया गया आश्रम में उन्हें आश्रय देने के साथ नियमित चिकित्सा परामर्श और देखभाल उपलब्ध कराई गई सेवाभावी कार्यकर्ताओं और चिकित्सकीय टीम के निरंतर प्रयासों से उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगा.
3 साल बाद भाई से मिला नियाज, भावुक मिलन
स्वास्थ्य बेहतर होने पर नियाज मोहम्मद ने अपने परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की इसके आधार पर आश्रम की पुनर्वास टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उनके परिजनों का पता लगाया और संपर्क स्थापित किया सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई 20 मार्च 2026 को उनके भाई फैयाज मोहम्मद, आरिफ और अन्य परिजन आश्रम पहुंचे जैसे ही दोनों भाइयों का आमना-सामना हुआ वे एक-दूसरे से लिपटकर रो पड़े वर्षों की जुदाई, दर्द और इंतजार मानो एक ही पल में खत्म हो गया इस भावुक दृश्य ने वहां मौजूद सभी लोगों को भी भावुक कर दिया.
ईद से पहले बिछड़ा भाई मिला, छलके आंसू
भाई फैयाज मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में अपने भाई को हर जगह तलाशा लेकिन कोई सफलता नहीं मिली उन्होंने कहा कि ईद से पहले भाई का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है और इस बार ईद की खुशी कई गुना बढ़ गई है. आश्रम प्रशासन के अनुसार इस तरह के पुनर्वास कार्य उनके निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं. जिनका उद्देश्य भटके और लापता लोगों को उनके परिवार से मिलाना है. सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नियाज मोहम्मद को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया जिसके बाद वे सकुशल अपने परिवार के साथ बरेली के लिए रवाना हो गए.
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