नई दिल्ली: भारतीय रक्षा तैयारियों को अभूतपूर्व मजबूती देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने शुक्रवार को करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN) प्रदान की है. AON सशस्त्र बलों के लिए सैन्य साजो-सामान की खरीद की सैद्धांतिक मंजूरी देती है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में हुई यह बैठक ऐतिहासिक रही क्योंकि चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 6.73 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है जो किसी भी एक साल में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. इसी कड़ी में सेना को ‘धनुष’ और ‘आकाशतीर’ जैसे हथियार देने की योजना है.
धनुष और आकाशतीर से बढ़ेगी मारक क्षमता
भारतीय सेना के लिए इस डील में अत्याधुनिक मारक और संचार प्रणालियों पर जोर दिया गया है:
· धनुष गन सिस्टम: लंबी दूरी तक सटीक निशाना साधने वाली इस स्वदेशी तोप के आने से आर्टिलरी की मारक क्षमता और घातकता कई गुना बढ़ जाएगी.
· एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम: यह सिस्टम सेना को रीयल-टाइम एयर डिफेंस कंट्रोल और रिपोर्टिंग की शक्ति प्रदान करेगा जिससे दुश्मन के हवाई खतरों को तुरंत भांपा जा सकेगा.
· निगरानी और गोला-बारूद: रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम के जरिए दुर्गम इलाकों में बिना हवाई पट्टी के ड्रोन उड़ाए जा सकेंगे. साथ ही टैंकों के लिए आर्मर्ड पियर्सिंग गोला-बारूद को मंजूरी मिली है जो दुश्मन के भारी टैंकों को भी भेदने में सक्षम है.
वायु सेना: S-400 और नए ट्रांसपोर्ट विमानों की एंट्री
भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ाने के लिए बड़े रणनीतिक फैसले लिए गए हैं:
· S-400 मिसाइल सिस्टम: दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए S-400 के नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
· मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: पुराने हो रहे AN-32 और IL-76 विमानों की जगह अब नए मध्यम परिवहन विमान लेंगे जिससे सेना की लॉजिस्टिक क्षमता और रणनीतिक एयरलिफ्ट ऑपरेशन को मजबूती मिलेगी.
· रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट: ये ड्रोन न केवल जासूसी (ISR) करेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में भी सक्षम होंगे. साथ ही सुखोई (Su-30) विमानों के इंजन ओवरहॉलिंग को भी मंजूरी मिली है.
कोस्ट गार्ड और वित्तीय रिकॉर्ड
भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए हैवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स को मंजूरी दी गई है जो समुद्री खोज, बचाव अभियान और तटीय गश्त में गेम-चेंजर साबित होंगे. इस साल रक्षा मंत्रालय ने न केवल 55 प्रस्तावों को AoN दी है बल्कि 2.28 लाख करोड़ रुपये के 503 पूंजीगत खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर भी किए हैं जो रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है.
सवाल-जवाब
DAC की इस बैठक में कुल कितने करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी मिली?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी (AoN) दी गई है.
वायु सेना के बेड़े में कौन से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं?
वायु सेना में पुराने AN-32 और IL-76 विमानों की जगह नए ‘मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट’ शामिल होंगे और S-400 मिसाइल सिस्टम को और विस्तार दिया जाएगा.
क्या यह रक्षा बजट के इतिहास का सबसे बड़ा साल है?
हां, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 6.73 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी और 2.28 लाख करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो अब तक का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है.





