ईरान जंग से पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. भारत में भी तेल और गैस की सप्लाई में बाधा उत्पन्न हो रही है. होर्मुज में भारत के ईंधन वाले जहाज फंसे हैं. भारत में कई स्थानीय उद्योग पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के प्रभाव से जूझ रहे हैं. मगर भारत का एक सेक्टर ऐसा भी है जो चुपचाप इस ईरान-अमेरिका जंग से फायदा उठा रहा है. जी हां, घरेली पर्यटन यानी डोमेस्टिक टूरिज्म ही वह सेक्टर है, जो इस भू-राजनीतिक बदलाव से फायदा उठा रहा है. दरअसल, पश्चिम एशिया का बड़ा हिस्सा, जो उत्तरी अमेरिका और यूरोप के लिए उड़ानों का मुख्य मार्ग है, बंद हो गया है. इससे कई भारतीय यात्री अब विदेश की बजाय देश के भीतर घूमने की योजना बना रहे हैं.
यात्रा प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, ईरान जंग के बीच भारत में ही घूमने वाले टूरिस्टों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है. लद्दाख, ऋषिकेश, शिमला, कुल्लू-मनाली और शिलांग जैसे लोकप्रिय हिल और अवकाश स्थलों की खोज में तेजी आई है, क्योंकि यात्री आने वाले महीनों में ठंडे स्थानों की तलाश कर रहे हैं.
Moneycontrol की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा बुकिंग प्लेटफॉर्म WanderOn का कहना है कि करीब 65% यात्री अब घरेलू विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. ‘WanderOn के सीईओ गोविंद गौर ने कहा, ‘पिछले कुछ हफ्तों में हमने यात्रा के रुझान में बदलाव देखा है, जिसमें घरेलू पर्यटन और छोटी छुट्टियों की ओर झुकाव बढ़ा है.’ उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और पूर्वोत्तर के ठंडे क्षेत्रों में रुचि और बुकिंग में 30% तक की बढ़ोतरी हुई है.
यह बदलाव यात्रा व्यवहार में भी दिख रहा है. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्री अब छोटी यात्राओं, लचीले कार्यक्रमों और बजट में रहने वाली बुकिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि कई लोग अनिश्चितता के कारण लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की बजाय आखिरी समय में योजना बना रहे हैं.
यह रुझान आध्यात्मिक पर्यटन तक भी पहुंच रहा है, जिसमें करीब 23% मिलेनियल्स की एंक्वायरी यानी पूछताछ ऋषिकेश जैसे स्थलों पर केंद्रित है. इस मांग को पूरा करने के लिए WanderOn जैसे प्लेटफॉर्म्स एडवेंचर, वेलनेस और अनोखे पर्यटन को मिलाकर कस्टमाइज्ड पैकेज तैयार कर रहे हैं, जिसमें चोपता और स्पीति वैली जैसे स्थान भी शामिल हैं.
Moneycontrol की रिपोर्ट में कई शहरों में बुकिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी की बात कही गई है. उदयपुर में साल दर साल बुकिंग में 69% की बढ़ोतरी हुई है. जोधपुर में 47%, बागडोगरा में 44%, श्रीनगर में 41% और अगरतला में 38% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
वहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब यह भारत के पास के देशों की ओर बढ़ रही है. यात्रा बुकिंग प्लेटफॉर्म ixigo के अनुसार, वियतनाम, नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे स्थानों में भी यात्रियों की रुचि बढ़ रही है. ixigo के सह-संस्थापक और सीईओ आलोक बजपई ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि मौजूदा हालात के बीच दक्षिण-पूर्व एशिया और घरेलू पर्यटन की ओर रुझान बढ़ रहा है.’





