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राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रूमी भिंडर के आईपीएल मैच के दौरान फोन का इस्तेमाल करने पर हंगामा मचा हुआ है. वो बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की जांच के दायरे में हैं. जानकारी के मुताबिक भिंडर मेडिकल इमरजेंसी के चलते फोन अपने पास रखे हुए थे. दरअसल, उनके दोनों फेफड़े पहले फेल हो चुके हैं और उन्हें करीब एक हफ्ते तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा था.
राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रूमी भिंडर बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की जांच के दायरे में हैं
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग की टीम राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रूमी भिंडर बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की जांच के दायरे में हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार को गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. भिंडर को इस मामले में नोटिस भी जारी किया गया है. खबर ये भी है कि भिंडर मेडिकल इमरजेंसी के चलते फोन अपने पास रखे हुए थे. दरअसल, उनके दोनों फेफड़े पहले फेल हो चुके हैं और उन्हें करीब एक हफ्ते तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा था.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने एक सूत्र के हवाले से बताया, “उनके दोनों फेफड़े फेल हो गए थे और इस मेडिकल इमरजेंसी के कारण उन्हें नागपुर के एक अस्पताल में लगभग एक महीना बिताना पड़ा.”
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बीसीसीआई के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) के मिनिमम स्टैंडर्ड्स के नियम सख्त हैं. मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिर्फ कुछ चुनिंदा अधिकारियों को ही PMOA में ले जाने की अनुमति है. टीम मैनेजर फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ ड्रेसिंग रूम में. इसके अलावा, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचते ही अपने फोन, स्मार्टवॉच या अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस बंद करके सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) को जमा कराने होते हैं.
एक अन्य सूत्र ने बताया, “रूमी ने मेडिकल समस्याओं के कारण 10 किलो से ज्यादा वजन कम किया है. उन्हें अस्थमा भी है, जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा चलने या बार-बार सीढ़ियां चढ़ने की सलाह नहीं दी जाती. वह टीम के साथ हैं और फ्रेंचाइजी के लिए कई जिम्मेदारियां निभाते हैं. उन्हें नियमों की जानकारी है, लेकिन मेडिकल कारणों से ही उनके पास फोन था,”
सूत्र ने बताया, “प्रोटोकॉल के मुताबिक डगआउट में मोबाइल फोन और लैपटॉप रखना अनुमति है. समस्या सिर्फ इस्तेमाल को लेकर थी, लेकिन उन्होंने न तो किसी को कॉल किया और न ही कोई कॉल रिसीव की. वह सिर्फ फोन स्क्रॉल कर रहे थे. अब उनके पास समय है और वह ACSU अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेंगे,”
सूत्र ने रूमी के डिवाइस इस्तेमाल करने का बचाव भी किया. “हमें उम्मीद है कि ACSU अधिकारी रूमी की मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला लेंगे. समस्या ये थी कि ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए उन्हें कम से कम 50 कदम चलना और करीब 20 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं. डगआउट लौटने के लिए भी यही करना पड़ता था. शायद इसी वजह से उन्होंने डगआउट में ही फोन चेक किया.”
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें


