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कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए समर्थ पोर्टल पर मूडल LMS के माध्यम से ऑनलाइन रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें साइबर सिक्योरिटी, एआई, फाइनेंशियल लिटरेसी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे मांग वाले विषय शामिल हैं. सत्र 2026–27 से नए कोर्स भी जोड़े जाएंगे और सभी प्रोफेशनल कार्यक्रमों में एक सेमेस्टर की अनिवार्य इंटर्नशिप होगी.
कानपुर. कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ सीधे नौकरी से जुड़ी स्किल्स भी सीख सकेंगे. छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (कानपुर विश्वविद्यालय) ने छात्रों के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम उठाया है. अब स्नातक स्तर पर पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन रोज़गारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे. ये सभी कोर्स विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर मूडल एलएमएस के जरिए संचालित होंगे, जिससे छात्र कहीं से भी आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे. इस पहल का मकसद है कि छात्रों को आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके और उन्हें पढ़ाई के साथ ही रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें. छात्रों के नए कोर्सेज में कई ऐसे विषय शामिल किए गए हैं, जिनकी आज के समय में काफी डिमांड है. जैसे –साइबर सिक्योरिटीएआई फॉर ऑलफाइनेंशियल लिटरेसीद फ्यूचर ऑफ वर्कफंडामेंटल ऑफ क्वांटम कंप्यूटिंगइन विषयों के जरिए छात्र टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और भविष्य के जॉब मार्केट को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे. खास बात यह है कि ये कोर्स न सिर्फ जानकारी देंगे, बल्कि छात्रों को स्किल डेवलपमेंट में भी मदद करेंगे.
नए सत्र में आएंगे और भी नए कोर्स
कानपुर विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉक्टर दिवाकर अवस्थी ने बताया है कि सत्र 2026-27 से परिसर के विभिन्न स्कूलों और विभागों में कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि छात्रों को अपने इंटरेस्ट के हिसाब से नए-नए विकल्प मिलेंगे और वे अपने करियर को बेहतर दिशा दे सकेंगे. आज के समय में सिर्फ डिग्री काफी नहीं है, बल्कि स्किल होना भी उतना ही जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय लगातार अपने कोर्सेज को अपडेट कर रहा है.
इंटर्नशिप होगी अब जरूरी
इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि अब विश्वविद्यालय में चल रहे सभी प्रोफेशनल कोर्सेज में एक पूरा सेमेस्टर सिर्फ ट्रेनिंग के लिए रखा जाएगा. यानी छात्रों को इंटर्नशिप या इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग करना अनिवार्य होगा. इससे छात्रों को असली काम का अनुभव मिलेगा और वे पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी के लिए तैयार रहेंगे. कंपनियां भी ऐसे छात्रों को ज्यादा पसंद करती हैं जिनके पास प्रैक्टिकल अनुभव होता है. कानपुर विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि यह कदम नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत उठाया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और विश्वविद्यालय भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. ये नए कोर्स छात्रों के भविष्य को मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित होंगे.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें




