Kannauj Traditional Gulkand: कन्नौज अपनी खुशबूदार इत्र के साथ-साथ पारंपरिक गुलकंद के लिए भी मशहूर है. यहां देसी गुलाब की ताजी पंखुड़ियों से पारंपरिक तरीके से गुलकंद तैयार किया जाता है. सुबह तोड़े गए गुलाब को साफ कर चीनी के साथ मिलाया जाता है और 20-30 दिनों तक धूप में रखा जाता है. जिससे प्राकृतिक खुशबू और स्वाद से भरपूर गुलकंद बनता है. आयुर्वेद के अनुसार गुलकंद गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है. पाचन सुधारता है और पेट की समस्याओं में राहत पहुंचाता है. इसे दूध, पान और मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है. स्थानीय व्यापारी निशीष तिवारी बताते है कि यह कारोबार कई परिवारों की आजीविका से जुड़ा है. अब आधुनिक पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री से कन्नौज का गुलकंद बड़े शहरों तक पहुंच रहा है. जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.





