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पीएम मोदी ने रैली में सीएए का भी एक बड़ा उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब यह कानून आया तो विपक्ष ने देश को डराया. आज सीएए देश में लागू हो चुका है और कोई नुकसान नहीं हुआ. समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी पर भी भारी भ्रम फैलाया गया. गोवा में यूसीसी दशकों से लागू है और वहां कोई समस्या नहीं है. विपक्ष हर एक अच्छे और बड़े काम का सिर्फ विरोध करता है.
तिरुवल्ला की चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा.
तिरुवल्ला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के तिरुवल्ला में आयोजित एनडीए की बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस व विपक्षी पार्टियों पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल झूठ फैलाने में माहिर हैं और देश को गुमराह करने का काम करते हैं. पीएम मोदी ने खासतौर पर तीन फिल्मों ‘धुरंधर’, ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर विपक्ष पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “जब ‘द केरल स्टोरी’ आई, तो इन्होंने कहा सब झूठ है. जब ‘द कश्मीर फाइल्स’ आई, तो इन्होंने कहा सब झूठ है. जब ‘धुरंधर’ फिल्म आई, तो इन्होंने कहा सब झूठ है और ये झूठ बोलने में माहिर हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत उसके सहयोगी दल हर मुद्दे पर झूठ बोलते हैं. उन्होंने कहा, “इनका काम ही झूठ फैलाना है. ये लोग झूठ फैलाने का कारोबार चला रहे हैं. सीएए के बारे में झूठ, यूसीसी के बारे में झूठ और इन फिल्मों के बारे में झूठ.”
पीएम मोदी ने सीएए का उदाहरण देते हुए कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून लाया गया तो विपक्ष ने देश को डराने की कोशिश की लेकिन आज सीएए लागू हो चुका है और देश को कोई नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए बताया कि यह गोवा में दशकों से लागू है और वहां कोई समस्या नहीं है.
रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष हर अच्छे काम का विरोध करता है और उसके बारे में झूठ फैलाता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ये पार्टियां देश को गुमराह करने का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि दर्शक इन फिल्मों को अच्छी तरह समझ रहे हैं और विपक्ष के झूठ को पहचान रहे हैं. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे देश को गुमराह करना बंद करें.
‘धुरंधर: द रिवेंज’ राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों पर आधारित फिल्म है, जिसमें मजबूत राष्ट्रवाद है. ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन और हिंसा की सच्ची कहानी दिखाती है. वहीं ‘द केरल स्टोरी’ केरल की उन महिलाओं की कहानी है जिन्हें चरमपंथी संगठनों में भर्ती किया गया. इन तीनों फिल्मों को रिलीज के बाद कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों की तरफ से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





