Adopt intercropping with sugarcane: शाहजहांपुर में गन्ने की बुवाई के बीच कृषि विशेषज्ञ किसानों को सह-फसली खेती अपनाने की सलाह दे रहे है. विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने की दो कतारों के बीच खाली जगह में मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलें उगाकर अतिरिक्त आय हासिल की जा सकती है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. विमल कुमार बताते है कि दलहनी फसलें मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन बढ़ाती है. जिससे यूरिया की जरूरत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता सुधरती है. इनके अवशेष नमी बनाए रखते है. जिससे सिंचाई खर्च भी घटता है. इससे गन्ने की खेती की लागत में 70 से 80 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. साथ ही मूंग और उड़द कम समय में तैयार होकर किसानों को जल्दी आमदनी देती है. जिससे लंबी अवधि की गन्ना फसल के दौरान आर्थिक सहारा मिलता है.





