नई दिल्ली. केरल की त्रिशूर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार पद्मजा वेणुगोपाल ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पार्टी के भीतर तोड़फोड़, कमज़ोर नेतृत्व और जनता से बढ़ती दूरी का आरोप लगाया है. आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने कांग्रेस छोड़ने, अपनी राजनीतिक यात्रा और केरल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बारे में बात की. साथ ही, उन्होंने कांग्रेस के आंतरिक कामकाज और नेतृत्व संकट को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए. कांग्रेस के पूर्व नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री के. करुणाकरण की बेटी पद्मजा वेणुगोपाल मार्च 2024 में भाजपा में शामिल हो गईं. पेश है इंटरव्यू के प्रमुख अंश.
कांग्रेस छोड़ने की क्या वजह थी
असल में कोई भी इन समस्याओं को नहीं जानता. मैंने पार्टी में बहुत कुछ सहा है. मैं उसका नाम नहीं लेना चाहती, लेकिन एक व्यक्ति है जो चुनावों के दौरान मेरी असफलता की वजह बना. मैंने उनसे कहा था कि उसे कोई पद न दिया जाए, क्योंकि इससे मुझे बहुत दुख होता था. बाद में, उन्होंने कहा कि वे मुझे महासचिव बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मैं केपीसीसी की उपाध्यक्ष थी और मुझे लगा कि वे मेरा साथ नहीं देंगे. मैं अब और पार्टी में नहीं रहना चाहती थी. मेरे पिता ने भी कांग्रेस में कई सालों तक बहुत कुछ सहा था और मैं उसी दौर से नहीं गुजरना चाहती थी.
आप त्रिशूर में भाजपा की संभावनाओं को कैसे देखती हैं
खासकर त्रिशूर में, लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करते हैं. आज त्रिशूर में उनके कार्यक्रम का असर जरूर दिखेगा. लोग बहुत खुश हैं
केसी वेणुगोपाल ने आपको क्यों निशाना बनाया? क्या यह कोई राजनीतिक साजिश थी
अब यहां उनके कुछ समर्थक हैं. कोई भी अच्छा नहीं है. सबके अलग-अलग कनेक्शन हैं. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके समर्थक किस तरह के होंगे
ऐसे आरोप सामने आए हैं कि कांग्रेस में टिकट बेचे जा रहे हैं. इस पर आपकी क्या राय है
केरल में भी लोग यही कह रहे हैं. सिर्फ उत्तर भारत में ही नहीं, यहां भी ऐसा हो रहा है
क्या राहुल गांधी नेताओं के किसी खास गुट से प्रभावित हैं
कांग्रेस में अब नेता कहां हैं? सब चले गए. गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेता, सबने पार्टी छोड़ दी है. अब कोई नेता नहीं है, बस केसी वेणुगोपाल ही बचे हैं
क्या राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए काफी परिपक्व हैं
मुझे लगता है कि वह कांग्रेस पार्टी नहीं चला सकते. इसीलिए वह केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खरगे पर निर्भर हैं. वह बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन वह कुछ कर नहीं सकते. सोनिया गांधी ठीक थीं, लेकिन राहुल गांधी नहीं
क्या आपके पिता पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन करते
मुझे ऐसा ही लगता है, क्योंकि मेरे पिता ने भी बहुत कष्ट सहे थे. पहले, उन्हें अवसर नहीं दिए गए. राजीव गांधी के समय तक, हम सब खुश थे. सोनिया गांधी भी ठीक थीं, लेकिन जब राहुल गांधी आए, तो वह सिर्फ अपनी ही सुनते हैं
केरल में भाजपा की क्या योजनाएं हैं
इसका असर एलडीएफ पर जरूर पड़ेगा, क्योंकि लोग अब ऊब चुके हैं. इस बार, इसका फायदा कांग्रेस को नहीं, बल्कि भाजपा को मिलेगा. यहां हर जगह भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है और निकट भविष्य में वह एक पूर्ण सरकार बनाएगी
ऐसे आरोप लग रहे हैं कि कांग्रेस केरल में एक इस्लामी शासन स्थापित करने में मदद कर रही है. इस पर आपके क्या विचार हैं
यह सच है, वे मदद कर रहे हैं. अगर यूडीएफ सत्ता में आती है, तो ऐसे ही लोग केरल पर राज करेंगे
क्या केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंदरूनी कलह चल रही है
बहुत ज्यादा, कई दावेदार हैं. हर कोई अलग-अलग बातें कह रहा है. लेकिन मुझे लगता है कि अगर उन्हें मौका मिला, तो केसी वेणुगोपाल दिल्ली से यहां आ जाएंगे. लोग अभी भी आपस में लड़ रहे हैं. ऐसे में लोग उन्हें वोट कैसे देंगे





