कौन था जोसेफ गोएबल्स, जिसकी तुलना ममता बनर्जी के मंत्री ने CEC ज्ञानेश कुमार से की?

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TMC Bratya Basu Statement on CEC: पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रत्य बसु ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तुलना नाजी प्रचारक जोसेफ गोएबल्स से करते हुए उन पर टीएमसी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. बसु ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष होने के बजाय बंगाल के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है. अधिकारियों के ताबड़तोड़ तबादलों और आयोग के कड़े रुख के बीच टीएमसी का यह हमला चुनावी माहौल को और गरमा रहा है.

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बंगाल में टीएमसी नेताओं के निशाने पर सीईसी.

कोलकाता.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान 23 अप्रैल को होंगे. लेकिन उससे ठीक एक महीने पहले, राज्य की राजनीति में ‘शब्दों की मर्यादा’ तार-तार होती दिख रही है. पहले ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला. अब वरिष्ठ टीएमसी नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला. बसु ने न केवल आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘भारतीय गोएबल्स’ (Indian Goebbels) तक कह डाला. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि कौन था ‘गोएबल्स’, जिससे तुलना मुख्य चुनाव आय़ुक्त ज्ञानेश कुमार से की गई?

ब्रत्य बसु ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था के रूप में काम करने के बजाय एक राजनीतिक उपकरण बन गया है. उन्होंने कहा, ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ‘भारतीय गोएबल्स’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं. जिस तरह हिटलर का प्रचार मंत्री झूठ को सच बनाने के लिए कुख्यात था, उसी तरह आयोग भी बंगाल की जनता को गुमराह कर रहा है.’

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बसु ने आगे दावा किया कि आयोग के वरिष्ठ अधिकारी टीएमसी के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब हमारे नेता अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय बंगाल और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया है.’

अधिकारियों के तबादलों पर फूटा गुस्सा

ब्रत्य बसु का यह बयान उस समय आया है जब चुनाव आयोग ने पिछले 72 घंटों में बंगाल के कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है. इसमें मुख्य सचिव, डीजीपी और कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) शामिल हैं. बसु ने तर्क दिया कि आयोग जानबूझकर उन अधिकारियों को हटा रहा है जो राज्य की जमीनी हकीकत को समझते हैं, ताकि विपक्षी दलों खासकर बीजेपी को फायदा पहुंचाया जा सके. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह ब्रत्य बसु ने भी आरोप लगाया कि तबादले उन लोगों के इशारे पर हो रहे हैं जिन्हें टीएमसी ‘गद्दार’ (शुभेंदु अधिकारी की ओर इशारा) मानती है.



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