Last Updated:
24 अकबर रोड खाली करने के नोटिस के बीच एक बार फिर उस शख्स की कहानी चर्चा में है, जिसने इंदिरा गांधी को संकट के दौर में अपना घर दे दिया था. जी वेंकटस्वामी ने न सिर्फ कांग्रेस को नया ठिकाना दिया, बल्कि मुश्किल में खड़ी इंदिरा गांधी को सहारा दिया था. जानिए कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड से जुड़ी पूरी कहानी.
कांग्रेस मुख्यालय के लिए किसने इंदिरा गांधी को दिया था अपना मुख्यालय. (फाइल फोटो)
Congress Headquarters & G. Venkatswamy: दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यायल को खाली करने का नोटिस दिया गया है. इस नोटिस के तहत कांग्रेस को 28 मार्च तक इस इमारत को खाली करना होगा. एस्टेट डिपार्टमेंट से आए इस नोटिस के साथ वह शख्स एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसने अपना आवास इंदिरा गांधी को पार्टी मुख्यालय बनाने के लिए दे दिया था. जी हां, करीब पांच दशकों तक कांग्रेस का पावर सेंटर रहे इस पते पर पहले कभी जी वेंकटस्वामी रहा करते थे.
जी वेंकटस्वामी को कांग्रेस में कोई ‘गुट्टा वेंकटस्वामी’, तो कोई ‘जीवी’ के नाम से भी जाना जाता था, आंध्र प्रदेश के एक साधारण किसान परिवार से आते थे. 1914 में जन्मे वेंकटस्वामी ने स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित होकर कांग्रेस का दामन थामा. वे जमीनी कार्यकर्ता के रूप में उभरे और 1940 के दशक से पार्टी के लिए सक्रिय रहे. उनका राजनीतिक कद धीरे-धीरे बढ़ा और 1960 के दशक में वे राज्यसभा पहुंचे. कांग्रेस पार्टी में जी वेंकटस्वामी की गिनती इंदिरा गांधी के बेहद करीबी नेताओं में होती थी.
जब दो गुटों में बंटी कांग्रेस और पड़ी नए मुख्यालय की जरूरत
- 1977 का दौर भारतीय राजनीति के लिए उथल-पुथल भरा था. आपातकाल के बाद हुए चुनावों में इंदिरा गांधी की करारी हार हुई और जनता पार्टी सत्ता में आई.
- इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री आवास 1 सफदरजंग रोड छोड़ना पड़ा. इतना ही नहीं, कांग्रेस भी दो गुटों में बंट गई. पार्टी का पुराना मुख्यालय 7 जंतर-मंतर रोड दूसरे गुट के कब्जे में चला गया.
- ऐसे मुश्किल समय में इंदिरा गांधी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी मुख्यालय के लिए नया ठिकाना खोजने और संगठन को फिर से खड़ा करने की थी.
- शुरुआत में उनके करीबी सहयोगी मोहम्मद यूनुस ने 12 विलिंगटन क्रीसेंट का बंगला उपलब्ध कराया, लेकिन वहां जगह सीमित थी और पार्टी की गतिविधियों के लिए पर्याप्त नहीं थी.
- इसके बाद, जी वेंकटस्वामी ने अपने आवास की चाभी इंदिरा गांधी को पार्टी मुख्यालय बनाने के लिए सौंप दी. जिसके बाद से यह कांग्रेस पार्टी का नया ठिकाना बन गया.
टाइप VIII के बंगले में रहते थे जी वेंकटस्वामी
वेंकटस्वामी उस समय लुटियंस दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित टाइप-VII सरकारी बंगले में रहते थे. यह बंगला अपने आप में बेहद भव्य था. इसमें पांच बेडरूम, बड़ा ड्राइंग रूम, डाइनिंग हॉल, गेस्ट रूम और विशाल लॉन था. यह बंगला कभी ब्रिटिश अधिकारी सर रेजिनाल्ड मैक्सवेल का निवास रहा था. 1978 में वेंकटस्वामी ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना पूरा बंगला इंदिरा गांधी को सौंप दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि यह मेरा घर नहीं, पार्टी का है. उन्होंने अपना सामान हटाया और बंगले की चाबी इंदिरा गांधी को दे दी.
48 सालों से कांग्रेस की सत्ता का केंद्र है 24 अकबर रोड
इकसे बाद, 24 अकबर रोड कांग्रेस की राजनीति का केंद्र बन गया. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद यहीं से राजीव गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 414 सीटों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की. बाद में पीवी नरसिम्हा राव, सीताराम केसरी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं ने इसी पते से पार्टी की कमान संभाली.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें




