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अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रॉस-बॉर्डर हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है् इस मामले में तीन आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने 7 पिस्तौल और कारतूस बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है.
पंजाब पुलिस ने पंजाब से आई हथियारों की बड़ी खेप बरामद की है.
Punjab News: क्या पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तानी पंजाब में कोई बड़ा साजिश को अंजाम देने की तैयारी में हैं? आखिर सीमा से इतनी चौकसी होने के बावजूद पाकिस्तान अपने मददगारों तक हथियारों और ड्रग्स की खेप भेजने में कैसे सफल हो जाता है? इतना ही नहीं, पंजाब से खालिस्तानियों और पाकिस्तान की मदद कौन कर रहा है. यह कुछ सवाल पंजाब में रहने वाले ज्यादातर लोगों की दिमाग में कौंध रहा है. बीते दिनों पंजाब पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई और उसके बाद हुए खुलासों ने इन सवालों को एक बार फिर धार दे दी है.
दरअसल, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. साथ ही, इस गिरोह में शामिल तीन आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार भी किया गया है. पंजाब पुलिस ने इन आरोपियों की शिनाख्त पर 7 अत्याधुनिक पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस और अपराध में इस्तेमाल होने वाली एक मोटरसाइकिल बरामद की है. इस मामले में बात सिर्फ हथियारों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूछताछ के बाद जो सच्चाई सामने आई है, वह बेहद गंभीर है.
पंजाब पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया है कि अरेस्ट किए गए सभी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे. इनका काम अटारी सहित सीमावर्ती इलाके से हथियारों और ड्रग्स की खेप को लेना था. इसके बाद, पाकिस्तान में बैठे आकाओं से मिले पतों तक इन हथियारों और ड्रग्स को पहुंचाना होता था. पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तान से मिलने वाले हथियारों को वे पंजाब के अलग अलग इलाकों में सक्रिय गिरोहों तक पहुंचा रहे थे. अब ये गिरोहों के मंसूबे क्या थे, पुलिस इसकी जांच कर रही है.
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहते थे खालिस्तानी आतंकी
पंजाब में तैनात एक सुरक्षाबल के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सेंट्रल एजेंसीज के बढ़ते शिकंजे को देखते हुए अब पाकिस्तानी आतंकी पंजाबी नौजवानों से फोन पर बात नहीं करते हैं. अब बातचीत के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है. पंजाबी नौजवानों को भड़काने और अपने मंसूबों में इस्तेमाल के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान ने खालिस्तानी आतंकियों को दी है. खालिस्तानी आतंकी इन नौजवानों को पहले धर्म के नाम पर अपने करीब लाते हैं और फिर उनका इस्तेमाल अपने मंसूबों के लिए करने लगते हैं.
ड्रोन के जरिए सीमापार पहुंचाई जाती है ड्रग्स और हथियारों की खेप
वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सीमा में अत्यधिक चौकसी के चलते पाकिस्तानी अब हथियारों को भारतीय सीमा में भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. ड्रोन से सिर्फ हथियार ही नहीं, बल्कि ड्रग्स भी भेजी जा रही है. ड्रग्स के जरिए खालिस्तानी आतंकी एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश कर रहे हैं. पहला वह ड्रग्स से पंजाब की नौजवान पीढ़ी को बर्बाद करना चाहते हैं. दूसरा ड्रग्स की कमाई से मिलने वाले रुपयों का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें


