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भारत और म्यांमार के बीच बिना बाड़ वाली लंबी सीमा है, जहां स्थानीय लोगों को बिना वीजा और पासपोर्ट के आने-जाने की विशेष छूट मिली है. इस खास व्यवस्था को फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) कहा जाता है. हालांकि, घुसपैठ, तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए गृह मंत्रालय (MHA) ने दिसंबर 2024 में इसके नियमों में अहम बदलाव किए थे.
म्यांमार-भारत बॉर्डर पर बिना-पासपोर्ट वीजा के जाया जा सकता है?
India-Myanmar Border: अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने के लिए आमतौर पर पासपोर्ट और वीजा की सख्त जरूरत होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की एक सीमा ऐसी भी है, जहां आप बिना पासपोर्ट-वीजा के दूसरे देश में दाखिल हो सकते हैं? जी हां, भारत और म्यांमार के बीच एक ऐसा ही खास समझौता है, जिसे ‘फ्री मूवमेंट रिजीम’ (Free Movement Regime – FMR) के नाम से जाना जाता है.
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों से इस फ्री मूवमेंट के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. आइए विस्तार से समझते हैं कि यह व्यवस्था क्या है, इसके नियम क्या हैं और सरकार ने इसमें क्या नई पाबंदियां लगाई हैं.
क्या है फ्री मूवमेंट रिजीम?
भारत और म्यांमार एक खुली और बिना बाड़ वाली सीमा साझा करते हैं. इस सीमा के दोनों ओर रहने वाले आदिवासी समुदायों के बीच गहरे पारिवारिक, सांस्कृतिक और जातीय संबंध हैं. इन संबंधों को बनाए रखने और सीमावर्ती व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए ही FMR लागू किया गया था. इस नियम के तहत बॉर्डर के दोनों तरफ रहने वाले लोग बिना किसी वीजा या पासपोर्ट के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं.
10 किलोमीटर तक मिलेगी ‘फ्री एंट्री’
दिसंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इस अनियंत्रित आवाजाही को रेगुलेट करने के लिए नए उपाय लागू किए. सरकार ने FMR को पूरी तरह से खत्म तो नहीं किया, लेकिन इसके दायरे को सीमित कर दिया है. नए नियमों के अनुसार, अब सीमा के दोनों ओर बिना वीजा और पासपोर्ट के लोगों की ‘फ्री आवाजाही’ को पहले के 16 किलोमीटर से घटाकर 10 किलोमीटर कर दिया गया है. यानी अब स्थानीय लोग बिना दस्तावेजों के केवल 10 किलोमीटर के दायरे में ही प्रवेश कर सकते हैं.
किन राज्यों से लगती है म्यांमार की सीमा?
भारत के चार उत्तर-पूर्वी राज्य म्यांमार के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं. नए नियम इन सभी राज्यों से सटी बिना बाड़ वाली सीमा पर लागू किए गए हैं:
- अरुणाचल प्रदेश: 520 किलोमीटर
- मिजोरम: 510 किलोमीटर
- मणिपुर: 398 किलोमीटर
- नागालैंड: 215 किलोमीटर
सरकार ने क्यों बदले नियम?
हाल ही में एक संसदीय समिति को गृह मंत्रालय द्वारा जानकारी दी गई थी कि भारत-म्यांमार सीमा पर कई गंभीर सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो रही हैं. म्यांमार के आंतरिक हालात बिगड़ने के बाद से भारत में अवैध घुसपैठ के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. इसके अलावा, इस खुली सीमा का फायदा उठाकर हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी (Trafficking) और उग्रवादी गतिविधियां भी बढ़ गई थीं. इन सभी खतरों से निपटने के लिए ही FMR के दायरे को घटाया गया है. मंत्रालय ने बताया है कि अब सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और खुफिया जानकारी के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई है.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें




