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क्या आप भी रेस्त्रां में खाना खाने जाते हैं और वो आपके बिल में एलपीजी चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’, ‘फ्यूल चार्ज’ या इसी तरह के कोई चार्ज एक्स्ट्रा जोड़ता है? परेशान न हो, सरकार ने ऐसे रेस्त्रां वालों को आदेश जारी किया है. अगली बार जब आप रेस्त्रां जाएं तो इस हवाला का आदेश देकर एक्स्ट्रा चार्ज देने से बना कर सकते हैं.
एक्स्ट्रा चार्ज लेने की लोगों ने की थी शिकायत.
नई दिल्ली. क्या आप भी रेस्त्रां में खाना खाने जाते हैं और वो आपके बिल में एलपीजी चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’, ‘फ्यूल चार्ज’ या इसी तरह के कोई चार्ज एक्स्ट्रा जोड़ता है? परेशान न हो, सरकार ने ऐसे रेस्त्रां वालों को आदेश जारी किया है. अगली बार जब आप रेस्त्रां जाएं तो इस हवाला का आदेश देकर एक्स्ट्रा चार्ज देने से बना कर सकते हैं. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कहा कि बिल में गैस या एलपीजी का अतिरिक्त चार्ज जोड़ना गलत है. ऐसे लोगों के लिए साफ निर्देश दिया है कि मेन्यू में जो कीमत लिखी गई है, वही अंतिम कीमत मानी जाएगी. उस पर केवल लागू टैक्स ही जोड़ा जा सकता है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सीसीपीए ने अपने एडवाइजरी में कहा कि कई होटल और रेस्त्रां बिल में अलग से ‘एलपीजी चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल रिकवरी चार्ज’ जोड़ रहे थे. यह सर्विस चार्ज संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों को दरकिनार करने की कोशिश है. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि एलपीजी, बिजली, ईंधन या अन्य ऑपरेशनल खर्चे व्यवसाय चलाने की लागत का हिस्सा हैं. इन्हें मेन्यू की कीमतों में पहले से ही शामिल करना चाहिए, न कि बिल में अलग से जोड़कर ग्राहकों पर डालना चाहिए.
सरकार ने सभी होटल और रेस्तरां को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि मेन्यू में दिखाई गई कीमत अंतिम कीमत हो. कोई भी अतिरिक्त शुल्क बिना ग्राहक की सहमति के नहीं लिया जा सकता. अगर रेस्त्रां को एलपीजी की बढ़ती कीमत का बोझ उठाना है तो उसे मेन्यू की कीमतों में शामिल करना होगा.
यह सलाह ऐसे समय में आई है जब ईरान-इजराइल तनाव के कारण एलपीजी की आपूर्ति और कीमतों पर प्रेशर बढ़ा हुआ है. कुछ रेस्त्रां इस बढ़े हुए खर्च को सीधे बिल में जोड रहे थे, जिसकी शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर आई है. इसी को संज्ञान में लेते हुए यह आदेश दिया गया है. सीसीपीए ने चेतावनी दी कि यदि कोई होटल या रेस्त्रां इस एडवाइजरी का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें





