क्‍या सच में 14.2 की जगह मिलेगा 10KG का सिलेंडर? पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया सरकार का पूरा प्‍लान

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नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्‍वाइंट सेकेटरी सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि 14.2 किलो की जगह 10 किलो का सिलेंडर बेचने की योजना मात्र एक अटकल है. सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करने जा रही है. बताया गया कि सरकार का मुख्य ध्यान प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के सिलेंडर को प्राथमिकता देने पर है. गुजरात में पेट्रोल पंपों के  बाहर लंबी लाइनों पर उन्‍होंने कहा कि वहां ईंधन की कमी नहीं है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं.

केंद्र सरकार ने पैनिक बुकिंग को कम करने और अर्थव्यवस्था के पहिए को घुमाने के लिए अब 10 प्रमुख व्यवसायों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर देने का रास्ता साफ कर दिया गया है. सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का 50 परसेंट वॉल्यूम अब सीधे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित कर दिया है, ताकि स्थानीय स्तर पर मांग को तुरंत पूरा किया जा सके.

इन 10 व्यवसायों को दी गई मंजूरी

  • रेस्टोरेंट और ढाबा
  • होटल
  • इंडस्ट्रियल कैंटीन
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट
  • डेयरी यूनिट
  • राज्य सरकार की सब्सिडाइज्ड कैंटीन
  • कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई)
  • श्रमिकों के लिए विशेष मेस
  • स्ट्रीट फूड वेंडर्स,
  • लघु खाद्य उद्योग
  • मजदूरों और छोटे तबके के लिए खास इंतजाम

मजदूरों को 5 किलो का सिलेंडर
मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों को गैस की किल्लत से बचाने के लिए सरकार ने 5 किलो के छोटे सिलेंडरों को प्रायोटाइज (Prioritize) करने का निर्देश दिया है. बताया गया कि पिछले तीन सप्ताह में रिकॉर्ड 3.5 लाख पीएनजी (PNG) कनेक्शन दिए गए हैं. सरकार का लक्ष्य एलपीजी पर निर्भरता कम करना है. जो उपभोक्ता पीएनजी अपनाने में सहयोग देंगे, उन्हें 10 परसेंट अतिरिक्त लाभ देने पर भी विचार चल रहा है. अब तक बाजार में 15,500 टन एलपीजी उतारी जा चुकी है, जिससे सप्लाई चेन में सुधार दिखने लगा है.

सभी भारतीय इजरायल में सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इजरायल-ईरान संघर्ष पर ताजा अपडेट देते हुए बताया कि वर्तमान में वहां अधिकांश भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. हालांकि, इस संघर्ष में अब तक 6 भारतीयों की जान गई है और 1 नागरिक लापता है. एक अन्य भारतीय के घायल होने की सूचना मिली थी, जिनका उचित उपचार किया जा रहा है और वे डॉक्टरों की देखरेख में हैं. सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

अबतक 3.75 लाख भारतीय वतन लौट
विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विशेष कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है. आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक 3.75 लाख भारतीय वतन लौट चुके हैं. खाड़ी देशों से उड़ानों का सिलसिला जारी है; आज अकेले यूएई से 95 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है जबकि कतर एयरवेज की 8-10 विशेष उड़ानें भी शेड्यूल हैं. ईरान में फंसे 1031 भारतीयों, जिनमें 707 छात्र शामिल हैं. सभी को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है. तेहरान और इस्फहान जैसे शहरों से छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है, वहीं इजराइल से भारतीयों को जॉर्डन के जरिए वापस लाया जा रहा है.

सवाल-जवाब

केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी वितरण में क्या बड़ा बदलाव किया है? सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का 50% वॉल्यूम अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दे दिया है ताकि स्थानीय प्रशासन अपनी जरूरत के अनुसार सप्लाई कर सके.

मजदूरों के लिए सिलेंडर वितरण को लेकर क्या निर्देश हैं? श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को देखते हुए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की बात कही गई है.

पीएनजी (PNG) को लेकर सरकार की क्या योजना है? सरकार एलपीजी का बोझ कम करने के लिए पीएनजी नेटवर्क को तेजी से फैला रही है. पिछले 21 दिनों में 3.5 लाख कनेक्शन दिए गए हैं और सहयोग करने वालों को 10% अतिरिक्त लाभ देने का प्रस्ताव है.

मिडिल ईस्ट से अब तक कुल कितने भारतीय नागरिक सुरक्षित वापस लौट चुके हैं?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक क्षेत्र से कुल 3.75 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों को किन देशों के रास्ते निकाला जा रहा है?
ईरान से अब तक 1031 भारतीयों (707 छात्रों सहित) को आर्मेनिया और अज़रबैजान के वैकल्पिक रास्तों से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।



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