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ट्रेन में मिलने वाले खाने की शिकायतों और पेनाल्टी के बाद अब आईआरसीटीसी सख्ती बरत रहा है. इसके लिए नए नियम बना रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की शिकायतों पर लगाम लगाई जा सके. यात्रियों को बेहतर क्वालिटी और स्वादिष्ट भोजन परोसा जा सके. पटना टाटानगर वंदे भारत में अमूल दही विवाद के बाद नया एसओपी और सख्त नियम पर जोर दिया जा रहा है.
भविष्य में ऐसी शिकायतें न हो, इसके लिए खास प्लान.
नई दिल्ली. ट्रेन में मिलने वाले खाने की शिकायतों और पेनाल्टी के बाद अब आईआरसीटीसी सख्ती बरत रहा है. इसके लिए नए नियम बना रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की शिकायतों पर लगाम लगाई जा सके. यात्रियों को बेहतर क्वालिटी और स्वादिष्ट भोजन परोसा जा सके. हाल ही में पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में अमूल दही में कीड़े मिलने की शिकायत पर आईआरसीटीसी ने बड़ी कार्रवाई की है. सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी नया एसओपी ( स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर) बनाने जा रहा है.
पटना-टाटानगर वंदे भारत में एक यात्री ने अमूल दही में कीड़े या कीट के वीडियो वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी ने मामले को गंभीरता से लिया. लाइसेंसी पर भारी जुर्माना लगाया, अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की और ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी कर ली. रेलवे ने अपनी कंपनी आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपए और कैटरर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. इतना ही नहीं 27 मार्च को अमूल कंपनी को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा गया.
आईआरसीटीसी ने के अनुसार यात्री सुरक्षा और खाने की गुणवत्ता सबसे ऊपर है. यह पहला मामला नहीं है. पिछले साल 2024-25 में आईआरसीटीसी को खाने की गुणवत्ता को लेकर 6,645 शिकायतें मिली थीं, जिनमें 1,341 मामलों में जुर्माना लगाया गया. पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हुई हैं. एक अन्य मामले में आईआरसीटीसी पर कंज्यूमर फोरम ने 30,000 रुपए जुर्माना भी लगाया था. सूत्रों के अनुसार ऐसे मामलों में सख्त एक्शन के बाद
आईआरसीटीसी अब नया एसओपी तैयार कर रहा है, जिसमें खाने की सप्लाई, स्टोरेज, पैकिंग और सर्विंग के लिए सख्त नियम होंगे. आईआरसीटीसी के अधिकारी के अनुसार यात्री अब सीधे ऐप या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. वंदे भारत समेत प्रीमियम ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है. यह कदम आम यात्रियों के लिए राहत की खबर है. आईआरसीटीसी का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.





