8 C
Munich

खेती के साथ कमाना है डबल मुनाफा, तो करें मधुमक्खी पालन.. यहां कृषि एक्सपर्ट से जानिए पूरा प्रोसेस

Must read


गोंडा: आज के समय में किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए नई-नई तकनीक और तरीकों को अपना रहे हैं. इन्हीं में से एक तरीका है मधुमक्खी पालन. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर किसान खेती के साथ मधुमक्खी पालन भी करें, तो उनकी आमदनी में अच्छा इजाफा हो सकता है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान केवीके मनकापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि मधुमक्खी पालन में ज्यादा जमीन या भारी निवेश की जरूरत नहीं होती. किसान अपने खेत के किनारे या बाग के पास मधुमक्खियों के बॉक्स (छत्ते) रख सकते हैं. इससे न सिर्फ शहद मिलता है, बल्कि फसलों की पैदावार भी बढ़ती है. ऐसा इसलिए क्योंकि मधुमक्खियां फूलों पर बैठकर परागण (पॉलिनेशन) करती हैं, जिससे फसल का उत्पादन बेहतर होता है.

परागण क्या है

हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि मधुमक्खियां फूलों से रस (नेक्टर) इकट्ठा करती हैं और इस दौरान वे एक फूल से दूसरे फूल पर पराग (पॉलन) पहुंचाती हैं. इस प्रक्रिया को परागण कहा जाता है. परागण से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है. खासकर सरसों, सूरजमुखी, फल और सब्जियों की फसलों में इसका अच्छा असर देखने को मिलता है.

कैसे करें शुरू

हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए किसान को सबसे पहले सही जगह का चयन करना चाहिए. जगह ऐसी होनी चाहिए जहां आसपास फूलों वाली फसलें या पेड़-पौधे ज्यादा हों. इसके अलावा छत्तों को धूप और बारिश से बचाने का भी ध्यान रखना जरूरी है.

कितने बॉक्स से करें शुरुआत

हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि शुरुआत में किसान 3 से 5 बॉक्स से काम शुरू कर सकते हैं. धीरे-धीरे अनुभव बढ़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है. मधुमक्खियों की देखभाल भी बहुत कठिन नहीं होती, बस समय-समय पर उनके छत्तों की जांच करनी होती है और उन्हें सुरक्षित रखना होता है.

मधुमक्खी पालन से सिर्फ शहद ही नहीं, बल्कि मोम, रॉयल जेली और पराग जैसे अन्य उत्पाद भी मिलते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. शहद की मांग शहरों के साथ-साथ गांवों में भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है.

सरकार दे रही है बढ़ावा

हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि सरकार भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है. कई योजनाओं के तहत किसानों केवीके मनकापुर की तरफ से प्रवीण सिंह फार्म हाउस पर किसानों को 7 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जाती है.

हनुमान प्रसाद पांडेय बताते हैं कि मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा दे सकता है. अगर किसान थोड़ी समझदारी और सही जानकारी के साथ इसे अपनाएं, तो उनकी आय में निश्चित रूप से बढ़ोतरी हो सकती है.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article