Mint Cultivation: बहराइच के युवा किसान सादुल्लाह ने पारंपरिक खेती में नुकसान के बाद पुदीने की खेती शुरू कर नई कमाई का रास्ता खोज लिया. गर्मियों में पुदीने की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने इसे अपनाया और अब अच्छी आमदनी कर रहे है. पुदीना ऐसी फसल है जिसे नियमित पानी वाले क्षेत्रों में आसानी से उगाया जा सकता है. इसकी खेती के लिए जल निकास वाली रेतीली दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है और मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 होना बेहतर रहता है. इसमें जैविक खाद का प्रयोग उत्पादन बढ़ाता है. किसान समय-समय पर सिंचाई करें और कटाई के बाद भी पानी दें. खरपतवार नियंत्रण के लिए 3-4 बार निराई जरूरी होती है. पहली निराई एक महीने बाद करनी चाहिए. उचित देखभाल के साथ पुदीने की खेती कम लागत में बेहतर मुनाफा दे सकती है.




