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Agriculture News: कृषि विश्वविद्यालय पूसा के वैज्ञानिक डॉ. बलवंत कुमार के अनुसार, गेहूं की कटाई के तुरंत बाद खेत की अच्छी तरह जुताई कर पानी का पटवन करना चाहिए. इसके बाद गन्ना की उन्नत किस्मों की रोपाई करना बेहद लाभकारी साबित होता है. उन्होंने बताया कि राजेंद्र गन्ना-1, राजेंद्र गन्ना-2 और राजेंद्र गन्ना-5 जैसी किस्में किसानों के लिए बेहतर हैं.
रवि फसल की कटाई का समय नजदीक है और ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि अगली फसल कौन सी लगाई जाए, जिससे बेहतर उत्पादन और अधिक आमदनी हो सके. समस्तीपुर जिले के किसानों के लिए यह समय नई रणनीति अपनाने का है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की कटाई के तुरंत बाद खेत को खाली नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि इसका सही उपयोग करते हुए गन्ना की खेती की ओर कदम बढ़ाना चाहिए.
यह बदलाव सिर्फ फसल बदलने का नहीं, बल्कि आय बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर है.अगर किसान सही समय पर सही तकनीक अपनाएं, तो वे कम समय में ज्यादा लाभ कमा सकते हैं. खासकर मार्च महीने के अंत तक गन्ना की रोपाई करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है.
सही समय और तकनीक से मिलेगा बेहतर उत्पादन
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के वैज्ञानिक डॉ. बलवंत कुमार के अनुसार, गेहूं की कटाई के तुरंत बाद खेत की अच्छी तरह जुताई कर पानी का पटवन करना चाहिए. इसके बाद गन्ना की उन्नत किस्मों की रोपाई करना बेहद लाभकारी साबित होता है. उन्होंने बताया कि राजेंद्र गन्ना-1, राजेंद्र गन्ना-2 और राजेंद्र गन्ना-5 जैसी किस्में किसानों के लिए बेहतर हैं.इसके अलावा CoP 112 और CoP 9301 जैसी किस्मों का भी चयन किया जा सकता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसान पौधे से रोपाई करते हैं, तो समय की बचत होती है और फसल जल्दी तैयार होती है.पौधे से पौधे की दूरी लगभग 50 सेंटीमीटर और कतार से कतार की दूरी 60 सेंटीमीटर रखनी चाहिए। प्रति एकड़ करीब 10,000 पौधों का उपयोग करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं.
सही देखभाल से बढ़ेगी आमदनी, खुशहाल होगा किसान
गन्ना की खेती में सफलता के लिए केवल रोपाई ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है. खेत में नमी बनाए रखना, समय-समय पर सिंचाई करना और संतुलित पोषण देना जरूरी होता है.इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि किसान इन तकनीकों को अपनाते हैं, तो प्रति हेक्टेयर 100 टन से अधिक उत्पादन संभव है, जो उनकी आय को कई गुना बढ़ा सकता है. आज जरूरत है कि किसान पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तरीके अपनाएं. किसान भाइयों अगर आप वैज्ञानिक द्वारा बताए गए राह पर चल रहे हैं और चलेंगे तो ऑटोमेटिक आपकी आमदनी बढ़ जाएगी और आपकी जीवन खुशहाल हो जाएगा.




