जंगी जोक्स- एम्बुलेंस से घसीट के ले गए मरीज को अस्पताल /भाग – 1

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पुनीत मिश्रा

जंगी घर के अंदर प्रवेश करता है गाना गाता हुआ मम्मी को इधर-उधर सर्च करता है कहां चली गई जिया इतना सन्नाटा क्यों है भाई भूख लगी है बड़ी जोर से कहां चली गई जिया..

मॉम:- (मट्ठा फेरती हुई कहती है )नशा चढ़ा है दिखाई नहीं दे रहा है, आंखे फट गई है थे कहां तुम पहले जा बताओ जानवर भूखे प्यासे पड़े हैं सुबह से उनका होश है तुमको, तुम थे कहां यह बताओ पहले, एक बार जानवरों की चिंता कि तुमने ,

हे भगवान कैसा लड़का दिया है इससे तो अच्छा एक जानवर ही दे देते.

जंगी:- अरे यार खाना दियो की भोग सुनाती रही हो इतने होनहार लड़का है तुम्हारे, हम यह सब काम करने के लिए थोड़ी ना बने हैं ,और जानवरों को हमने बोल दिया था सुबह ही वह सब ब्रेकफास्ट करने के बाद लंच के लिए सुल्तान के खेत में निकल गए और फिर डिनर राजू के खेत से करके आएंगे,

मॉम:- हाय दैया लॉक कर दो तेरी ऐसी की तैसी कहां है जानवर. .

जंगी:- अरे मॉम जस्ट चिल आ जाएंगे डिनर करके उनको एड्रेस पता है…

मॉम:- आज खा लो तुम अब छप्पन भोग भाग जा यहां से और जल्दी जानवर लेकर आ वरना आज तेरी खाल उधेड़ देंगे मारते मारते , इस लड़के ने चोला दुखी करके रखा है बिल्कुल जल्दी भाग जा यहां से (डंडाउठाने के लिए जाती है)

जंगी:- जा रहे हैं मारना मत..

(मॉम अपने काम में लग जाती है जंगी धीरे से पीछे से आता है और ऊपर टोकरी से फ्रूट्स निकालते हैं वह टोकरी मॉम के ऊपर गिर जाती है)

मॉम:- तेरी आते रखें नाशपीटे , अभी गया नहीं ..

(जंगी गेट खोल कर भाग जाता है मॉम चप्पल फेंककर मारती है वह बाहर झंडू चाचा के लग जाती है वह गिर जाते हैं ..)

झंडू चाचा :- अरे मर गए मर गए मार दिया डोकरी ने मार डाला भीड़ लग जाती है..

पहला आदमी:- अरे गजब हो गया यह तो गया भाई डोकरी ने निशाना बहुत तेज मारा है, भैया सीधा नाक पर पड़ा है लगता है इसके नाथ की हड्डी टूट गई है ,यह तो गया है अब इसको तो भगवान ही बचा पाएगा

दूसरा आदमी:- अरे भैया कोई एंबुलेंस को बुलाओ चलो अच्छा है इस बहाने 108 नंबर भी चेक हो जाएगा काम भी करता है या नहीं ऐसे ही 108 के दम पर वोट मांगे जाते हैं.

तीसरा आदमी:-हाँ भैया चेक करो मुझे भी जरा कस्बा जाना है हम भी चले जाएंगे ..

चौथा आदमी:- अरे भाई तो रुकबाय रहना मैं भी सब्जी ले आऊंगा जब एंबुलेंस आ ही रही है तो,,

पहला आदमी:- अरे ससुर के नातियों तुम पहले चले जाओ एंबुलेंस से , तुम सब पर ही तो अटैक हुआ है ना, तुम पहले चले जाओ..अरे कोई फोन करो ..

(सारे लोग अपना नेटवर्क चेक करते हैं किसी के नए नेटवर्क नहीं आता है फिर एक लड़का छत पर पहुंच कर कॉल करता है एक नेटवर्क से बहुत चौड़ा हो जाता है)

लड़का:- बुला दिया मैंने एंबुलेंस को..

पहला आदमी:- हां तो तुमको अब क्या परमवीर चक्र दिलवाए..

(एंबुलेंस आती है, बैठने के लिए झगड़ा, झंडू चाचा को नीचे पटक देते हैं __सब उठाकर एंबुलेंस में ले जाते हैं )

लाखन डॉक्टर:- क्या हुआ इनको कैसे मरे जा रहे हैं ..

पहला आदमी:-च्रखोले बाली ने हवाई चप्पल मारी फेक कर तब से इनकी हालत ऐसी हो गई है,

पहला आदमी:- अरे डॉक्टर साहब वह तो हमें भी नहीं पता पर हमने इनकी नाक पर चप्पल पड़ते दिखाई दी 87-90 घंटे की स्पीड से रही होगी, कोई उसके बाद तो ये बंगू बन गये और एकदम मूर्छित होकर धराशाई हो गए, चप्पल क्यों मारी इनको, क्या किया यह तो राम जाने ..

पीछे राजू सॉन्ग गाने लगता है_राम जाने राम जाने राम जाने

पहला आदमी:- चुप कर तू हिमेश रेशमिया बन जा ऐसी लात मारेंगे सारा इंडियन आइडल नहीं निकाल देंगे तेरा, अब यह तो यही बताएगा चप्पल आख़िर इसको मारी क्यूँ च्रखोले बाली ने, कुछ तो गड़बड़ किया होगा इन्होने, बिना उंगली के तो साप भी नहीं काटता आजकल…..

आगे क्या हुआ जानने के लिया पढ़े अगला भाग..

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लेखक

पुनीत कुमार मिश्रा

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