जंग ईरान में मगर भारत की सेना हाई अलर्ट पर क्यों? राजनाथ सिंह ने सीडीएस और तीनों सेनाओं को दिया बड़ा टास्क

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जंग ईरान में मगर भारत की सेना हाई अलर्ट पर क्यों? हाई लेवल बैठक में क्या हुआ

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West Asia War Update: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में हाई-लेवल वॉर रूम बैठक की. सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों के साथ हुई इस मीटिंग में भारत की सैन्य तैयारियों और रक्षा सप्लाई चेन की समीक्षा की गई. राजनाथ सिंह ने सेना को अगले 10 साल का ‘इंटीग्रेटेड रोडमैप’ तैयार करने और आधुनिक युद्ध के तकनीकी सबक सीखने के निर्देश दिए हैं.

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राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुखों के साथ बुलाई इमरजेंसी मीटिंग. (PIB Photo)

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत की डिफेंस फोर्सेज हाई अलर्ट पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद में स्थिति साफ की थी तो मंगलवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बेहद अहम बैठक की. इस बैठक का मकसद केवल स्थिति का जायजा लेना नहीं था, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को भविष्य की चुनौतियों के लिए अभेद्य बनाना था. बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और डीआरडीओ के चेयरमैन मौजूद रहे. रक्षा मंत्री को विस्तार से बताया गया कि अगर यह युद्ध और ज्यादा फैलता है, तो भारत की सुरक्षा और सप्लाई चेन पर इसका क्या असर पड़ेगा.

अगले 10 साल का रोडमैप और आत्मनिर्भरता पर जोर

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि हमें सिर्फ आज की चुनौतियों को नहीं देखना है. उन्होंने सेना और रक्षा विशेषज्ञों को अगले 10 साल के लिए एक मजबूत और ‘इंटीग्रेटेड रोडमैप’ तैयार करने का निर्देश दिया. इस प्लान में सबसे ज्यादा जोर ‘आत्मनिर्भरता’ पर दिया गया है.

सरकार चाहती है कि युद्ध जैसी स्थिति में भारत को रक्षा उपकरणों या कलपुर्जों के लिए किसी दूसरे देश का मुंह न ताकना पड़े. सप्लाई चेन मैनेजमेंट को लेकर भी गहन चर्चा हुई, ताकि हमारे मौजूदा हथियारों की मेंटेनेंस और नए उपकरणों का उत्पादन किसी भी वैश्विक संकट की वजह से प्रभावित न हो.

युद्ध के मैदान से सीखने होंगे तकनीकी सबक

रक्षा मंत्री ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही कि पश्चिम एशिया के इस संघर्ष से हमें सैन्य और तकनीकी सबक लेने चाहिए. आधुनिक युद्ध में तकनीक जिस तरह से बदल रही है, उसे लगातार समझना जरूरी है.

राजनाथ सिंह के अनुसार, वहां इस्तेमाल हो रहे हथियारों और रणनीति का बारीकी से अध्ययन किया जाना चाहिए ताकि भारत अपनी रक्षा प्रणाली को और भी ज्यादा सटीक और घातक बना सके.

उन्होंने कहा कि चुनौतियों के साथ-साथ वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति में भारत के लिए कई मौके भी छिपे हैं, जिनका फायदा उठाकर हम अपनी सैन्य ताकत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत कर सकते हैं.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें



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