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Pali RBSE 10th result 2026: राजस्थान बोर्ड (RBSE) 10वीं के परिणामों में इस बार कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं, जिनमें गणिका और ईकरा का नाम विशेष रूप से चर्चा में है. साधारण परिवार से आने वाली इन दोनों छात्राओं ने अपने कठिन हालातों को पीछे छोड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की. गणिका के पिता टैक्सी चालक हैं, जबकि ईकरा के पिता बस चालक के रूप में काम करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उच्च अंक प्राप्त किए. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है. परिवार और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने अपने सपनों को साकार किया. उनकी कहानी आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
पाली. एक पिता चाहे खुद धूप में टैक्सी चलाता हो या दूसरों के बच्चों को स्कूल बस से मंजिल तक पहुंचाता हो, लेकिन उसका सबसे बड़ा सपना यही होता है कि उसके अपने बच्चे पढ़-लिखकर एक दिन दुनिया में उसका नाम रोशन करें. पिता अपनी हर जिम्मेदारी निभाता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न रहे. और जब बच्चे अपनी मेहनत से उस संघर्ष का मोल चुकाते हैं, तो पिता के चेहरे की वह मुस्कान किसी अनमोल मोती से कम नही होती. राजस्थान बोर्ड के 10वीं के नतीजों में कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है पाली की दो बेटियों— गणिका और ईकरा बानो ने, किसी के पिता बस ड्राइवर हैं तो किसी के टैक्सी चलाते हैं, लेकिन इन बेटी गणिका ने 98 और बेटी ईकरा बानो ने 97.50 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती. पाली के वंदे मातरम स्कूल में पढ़ने वाली गणिका भाटी ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. गणिका के पिता एक स्कूल बस ड्राइवर हैं, जो हर दिन सैकड़ों बच्चों को उनके स्कूल तक छोड़ते हैं. आज उनकी अपनी बेटी ने सफलता की ऐसी उड़ान भरी है कि पूरे शहर में उनकी चर्चा हो रही है. गणिका भविष्य में लॉयर (वकील) बनकर समाज की सेवा करना चाहती है.
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