ट्रंप का शांति राग और नेतन्याहू का महाविनाश वाला अल्टीमेटम, भारत में इजरायली राजदूत ने बताया पूरा वॉर प्लान

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की संभावना तलाशते हुए युद्ध पर फिलहाल विराम लगा दिया है. वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने महाविनाश का बिगुल फूंक दिया है. News18 इंडिया के साथ एक Super Exclusive बातचीत में भारत में इजरायल के राजदूत रूविन अज़ार ने कूटनीति के तमाम दावों को धता बताते हुए सीधे तौर पर युद्ध की नई तारीख मुकर्रर कर दी है. राजदूत अज़ार ने साफ लहजे में कहा है कि यह हफ्ता ईरान की सत्ता के लिए विनाशकारी साबित होने जा रहा है. ट्रंप के शांति संदेशों और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की युद्ध जारी रखने की जिद्द के बीच राजदूत अज़ार ने साफ किया कि जब तक ईरान का परमाणु खतरा और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह नेस्तनाबूद नहीं हो जाता, इजरायल का ऑक्सीजन खत्म होने वाला नहीं है.

इजरायली राजदूत के इस तीखे बयान ने साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया में बातचीत की मेज सजी जरूर है लेकिन उसके नीचे तबाही का सामान बिछा हुआ है. अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शांति वार्ता सफल होगी या इजरायल का विनाशक हफ्ता ईरान को घुटनों पर लाएगा? यहां पढ़ें इजरायली राजदूत रूविन अज़ार के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश हैं.

सवाल-जवाब
क्या यह युद्ध आने वाले कुछ दिनों में खत्म होगा या इसमें अभी कुछ हफ्ते और लगेंगे?

हम उम्मीद करते हैं कि यह युद्ध जल्द खत्म हो. बातचीत की खबरें सुनकर हमें खुशी हुई है क्योंकि दबाव की वजह से ही ईरान टेबल पर आने को तैयार हुआ है. हालांकि हमें नहीं पता कि यह बातचीत कितनी सफल होगी. हमारा स्टैंड साफ है—हम ईरान से परमाणु खतरे और यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं.

क्या आप इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि बातचीत चल रही है जबकि ईरान इससे इनकार कर रहा है?

ईरान बहुत कुछ मना करता है. वह नागरिकों पर हो रहे हमलों से भी इनकार करता रहा है. हकीकत यह है कि ईरान के साथ बातचीत भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव का नतीजा है और इससे एक उम्मीद जगी है.

क्या इजरायल युद्धविराम या किसी शांति डील को लेकर वाकई गंभीर है?

इजरायल और अमेरिका पूरी तरह तालमेल में काम कर रहे हैं. हमारे तीन लक्ष्य हैं: ईरान के परमाणु और मिलिट्री प्रोग्राम को खत्म करना, उनके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को रोकना और ईरान के लोगों को अपनी मौजूदा सत्ता के खिलाफ भविष्य चुनने का मौका देना. जब तक ये मकसद पूरे नहीं होते, हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नेतन्याहू को अपडेट किया है.

पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि हमले जारी रहेंगे. युद्ध का अगला चरण क्या होने वाला है?

हमारे हमले ईरान पर तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारा सैन्य मकसद पूरा नहीं हो जाता. जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता या ईरान के मिलिट्री टारगेट तबाह नहीं हो जाते, इजरायल पीछे नहीं हटेगा.

भारत ने कूटनीति और बातचीत की वकालत की है. क्या आप इस संकट में भारत की मध्यस्थता की कोई संभावना देखते हैं?

हम कूटनीति का समर्थन करते हैं. भारत की भूमिका बहुत सकारात्मक (Conducive) है. पश्चिम एशिया में भारत का बहुत बड़ा दांव (Stake) लगा है, वहां लाखों भारतीय रहते हैं. भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और वह सुरक्षा व सहयोग के कई प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव दे सकता है. हम भारत की किसी भी भूमिका का स्वागत करते हैं, लेकिन बातचीत का स्वरूप कैसा होगा, यह अमेरिका को तय करना है.

पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश भी मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. आपकी इस पर क्या राय है?

यह अमेरिका को तय करना है कि उन्हें किनकी मध्यस्थता की जरूरत है. इजरायल के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमारा मकसद कैसे पूरा होता है. हम युद्ध खत्म करने के लिए किसी भी गंभीर कूटनीतिक पहल का समर्थन करेंगे.

क्या आप युद्ध खत्म होने की कोई निश्चित तारीख या समय दे सकते हैं?

हमारे पास कोई ‘टारगेट डेट’ नहीं है, लेकिन हमारे पास इस ऑपरेशन को हफ्तों तक जारी रखने के लिए पर्याप्त संसाधन (Oxygen) हैं. इतना तय है कि यह हफ्ता ईरान की सत्ता के लिए विनाशकारी होने जा रहा है. या तो हम समझौते पर पहुंचेंगे, वरना हमारा ऑपरेशन इसी रफ्तार से चलता रहेगा.



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