Rubika Liyaquat Show: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 19 मिनट का लंबा भाषण दिया. उन्होंने कहा कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर इतने बम बरसाए जाएंगे कि वह पाषाण युग में पहुंच जाएगा. यह बयान दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गया. ट्रंप ने ईरान के मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया, लेकिन ईरान ने इसके बावजूद इजराइल के हाइफा पोर्ट और बहरीन में अमेज़ॅन सेंटर पर हमले किए. इससे उनके दावे और वास्तविक स्थिति में अंतर सामने आया. ट्रंप के भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट ने तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पैदा किया. कुछ अमेरिकी तेल कंपनियों ने इससे पहले ही महंगे रेट पर तेल बेच दिया. इसका असर वैश्विक बाजार और आम लोगों पर पड़ा. 35 देशों ने मिलकर ईरान से स्ट्रेट ऑफ़ हामूज़ खोलने की अपील की. अगर ईरान नहीं माने तो ये देश सैन्य विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं. विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के बयान और कार्यशैली ने वैश्विक अस्थिरता बढ़ा दी है। दुनिया अब अमेरिका के रवैये पर सवाल उठा रही है.





