बेंगलुरु. कर्नाटक के बेंगलुरु में कक्षा में एक छात्र को कथित तौर पर ‘आतंकवादी’ कहने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को एक निजी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर द्वारा छात्र को कथित रूप से डांटते हुए कक्षा में बाधा डालने का आरोप लगाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. यह घटना 24 मार्च को हुई.
इस घटना के बाद छात्र ने कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, जिसके बाद शुक्रवार को प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया. पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण कृत्य) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) के तहत मामला दर्ज किया है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें छात्र की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली थी. हालांकि, वीडियो का संज्ञान लेते हुए और प्रारंभिक जांच के आधार पर हमने स्वयं मामला दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है.” एफआईआर के अनुसार, प्रोफेसर ने कक्षा में बार-बार छात्र को ‘आतंकवादी’ कहा और उसके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया.
प्राथमिकी के अनुसार, प्रोफेसर ने यह भी कहा, ‘ईरान युद्ध तुम जैसे लोगों की वजह से हुआ. ट्रंप तुम्हें ले जाएगा. तुम मूर्ख हो, तुम नरक जाओगे.’ ये टिप्पणियां करीब 60 छात्रों के सामने की गईं, जिससे ‘बेहद शत्रुतापूर्ण और अपमानजनक माहौल’ बन गया.
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकने वाला सीसीटीवी फुटेज कथित तौर पर हटा दिया गया, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित छात्र का समर्थन करने वाले कुछ छात्रों को ‘कक्षा में बात करने’ के आधिकारिक कारण का हवाला देकर कथित तौर पर निलंबित कर दिया गया.
हालांकि, प्रोफेसर ने बाद में कॉलेज को एक माफीनामा दिया, लेकिन उसने सीधे छात्र से माफी नहीं मांगी. विभागाध्यक्ष ने प्रोफेसर की ओर से माफी मांगी. प्रोफेसर पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से छात्र को मामले को आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी.
विश्वविद्यालय द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया, “छात्र की शिकायत का मामला प्राप्त हुआ है. विस्तृत जांच लंबित रहने तक आपको तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.” इस बीच, कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टुडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि प्रोफेसर ने छात्र का अपमान किया और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.





