तुलसी की टहनियों से बनाएं असरदार घरेलू काढ़ा, गले की खराश और कफ में फायदेमंद

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गले में खराश या कफ की समस्या होने पर इसी मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में गर्म पानी में उबालकर छानकर पीने से राहत मिल सकती है. पारंपरिक रूप से तुलसी को श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है, वहीं मसालों की गर्म तासीर गले को आराम पहुंचाने में मदद करती है.

दरभंगा: घर-आंगन में तुलसी का पौधा लगभग हर घर में देखा जाता है. इसकी पत्तियां पूजा-पाठ से लेकर चाय तक में उपयोग की जाती हैं, लेकिन सूख जाने के बाद इसकी टहनियों को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है. जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि तुलसी की सूखी टहनियां भी बेहद उपयोगी होती हैं और इन्हें घरेलू काढ़ा-मसाला बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

तुलसी की सूखी टहनियों से काढ़ा-मसाला तैयार करने का तरीका काफी आसान है. इसके लिए सूखी टहनियों के साथ लौंग, इलायची और तेजपत्ता को हल्का दरदरा पीस लें और इसे किसी साफ-सुथरे डिब्बे में सुरक्षित रख लें. जब भी चाय बनाएं, इसमें एक चम्मच यह मिश्रण मिलाने से चाय का स्वाद बेहतर हो जाता है और यह शरीर को सुकून भी देता है.

गले में खराश या कफ की समस्या होने पर इसी मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में गर्म पानी में उबालकर छानकर पीने से राहत मिल सकती है. पारंपरिक रूप से तुलसी को श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है, वहीं मसालों की गर्म तासीर गले को आराम पहुंचाने में मदद करती है.

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक घरेलू उपाय है, कोई चिकित्सीय इलाज नहीं. यदि किसी को एलर्जी है, गर्भावस्था है, छोटे बच्चों को देना हो या किसी दवा के साथ इसका सेवन करना हो, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. साथ ही टहनियों को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा कर ही रखें. किसी भी चीज का अत्यधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है.

तुलसी की महत्ता नई नहीं है. यह उपाय इस बात का उदाहरण है कि रसोई और आंगन में मौजूद सामान्य चीजों का भी सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो वे बेहद काम की साबित हो सकती हैं. सूखी टहनियों को फेंकने के बजाय संभालकर रख लें, क्योंकि सर्दी-खांसी के समय यह छोटा सा घरेलू नुस्खा काफी फायदेमंद हो सकता है.

दरअसल, बचपन में दादी-नानी द्वारा तुलसी का काढ़ा पिलाने की परंपरा लगभग हर घर में रही है. तुलसी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं और यही कारण है कि यह आज भी घरेलू उपचार का अहम हिस्सा बनी हुई है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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