दक्षिण भारत को जनसंख्या कंट्रोल करने का दंड क्यों? कर्नाटक के गृहमंत्री ने उठाए सवाल

Date:


कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन (delimitation) पर कहा कि जनसंख्या को अकेले मानदंड नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केवल जनसंख्या को आधार बनाया गया तो दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा.

सोमवार को बेंगलुरु में परमेश्वर ने कहा, ‘उत्तर भारत में जनसंख्या अधिक है, इसलिए कर्नाटक को लोकसभा सीटें कम (लगभग 66) मिलने की संभावना है. यह हमारी चिंता है.’ उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि दक्षिण भारत ने परिवार नियोजन को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे जनसंख्या नियंत्रित हुई. ‘इस सफलता को नुकसान नहीं बनना चाहिए. मुख्यमंत्री का बयान बिल्कुल सही है.’

परमेश्वर ने कहा कि दक्षिण के राज्यों ने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति को अच्छी तरह अपनाया, लेकिन अब परिसीमन में इसे दंड के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन में क्षेत्रफल, विकास, प्रशासनिक कारकों और भाषाई विविधता जैसे अन्य मानदंडों को भी शामिल किया जाए.

हिंदी को लेकर हम मुर्दाबाद के नारे लगाते थे…

कक्षा 10 की परीक्षा में हिंदी को अनिवार्य बनाने के विवाद पर परमेश्वर ने कहा कि हिंदी का विरोध नया नहीं है. ‘मेरे छात्र जीवन में भी हम ‘हिंदी मुर्दाबाद’ के नारे लगाते थे. यह भ्रम तब से चल रहा है.’ उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. कन्नड़ के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तेलुगु की मांग करेंगे. ‘गैर-हिंदी भाषी दक्षिणी राज्यों में यह मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है. इसे जल्द सुलझाना चाहिए.’

एलपीजी संकट पर की मिनिमम आपूर्ति की मांग
एलपीजी की कमी पर परमेश्वर ने कहा कि आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, जरूरी आपूर्ति होनी चाहिए. ‘गैस, पेट्रोल और डीजल की समान आपूर्ति हो. हम ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. हमने अपनी जरूरतें केंद्र को बताई हैं. अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक समस्या है, लेकिन कर्नाटक को न्यूनतम आपूर्ति तो मिलनी चाहिए.’

कांग्रेस के पक्ष में लहर
आगामी दो विधानसभा उपचुनावों पर उन्होंने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए कहा, ‘कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक लहर है. हम दोनों सीटें जीतेंगे. पिछले तीन सालों के सामाजिक न्याय कार्यक्रमों का असर दिखेगा.’

अनुसूचित जातियों में आंतरिक आरक्षण पर विवाद का जिक्र करते हुए परमेश्वर ने कहा कि बीजेपी ने एससी-एसटी में भ्रम पैदा किया. ‘सदाशिव आयोग रिपोर्ट को खारिज किया गया और बाद में प्रतिशत जोड़कर दिल्ली भेजा गया. उन प्रतिशतों का आधार क्या था?’ उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस आंतरिक आरक्षण लागू करने के प्रति प्रतिबद्ध है. ‘हमने कभी कहा नहीं कि इसे वापस लेंगे. प्रक्रिया चल रही है. 22 अप्रैल को बुलाई गई विशेष कैबिनेट बैठक उपचुनाव के बाद होगी.’

आईपीएल टिकट पर दोष ढूंढना ठीक नहीं
आईपीएल टिकट वितरण विवाद पर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग को नियंत्रित करना मुश्किल है. ‘विधायकों या उनके परिवार वालों द्वारा बुकिंग पर हम क्या कर सकते हैं? हर चीज में दोष ढूंढना ठीक नहीं. आमतौर पर विधायकों को दो टिकट मिलते हैं, जो ट्रांसफरेबल नहीं होते या फिर कोई भी इस्तेमाल कर सकता है.’

परमेश्वर के बयानों से साफ है कि कर्नाटक सरकार दक्षिण भारत के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय है. परिसीमन, भाषा नीति, ईंधन संकट और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर कांग्रेस सरकार अपनी स्थिति को मजबूत कर रही है.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related