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Delhi Assembly Security Lapse: दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक मामले में मंगलवार को सरबजीत सिंह को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया. दिल्ली पुलिस साजिश और आतंकी एंगल से मामले की जांच कर रही है. कोर्ट में आरोपी की मानसिक हालत पर भी सवाल उठे.
आरोपी सरबजीत दिल्ली विधानसभा में बैरिकेट तोड़कर घुस गया था.
Delhi Assembly Security Lapse: दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक मामले में आरोपी सरबजीत सिंह को मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया. दिल्ली पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करते हुए उसकी रिमांड की मांग की. पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच चल रही है और किसी बड़ी साजिश या आतंकी एंगल की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सरबजीत सिंह ने घटना के बाद अपना मोबाइल फोन फेंक दिया था, जिसे बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि वह व्यक्ति दिल्ली विधानसभा में क्यों और कैसे दाखिल हुआ. साथ ही इस बात की जांच हो रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस को पंजाब और उत्तर प्रदेश भी जाना है ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिसमें सरबजीत विधानसभा परिसर में पहुंचा था. घटना सोमवार दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के कजरी निरंजनपुर गांव निवासी 37 वर्षीय सरबजीत सिंह ने टाटा सिएरा कार (यूपी नंबर) से विधानसभा के गेट नंबर 2 का बैरिकेड तोड़कर अंदर घुस गया. वह नकाब पहने हुए था और हाथ में फूलों का गुलदस्ता तथा माला लेकर स्पीकर की कार के पास पहुंचा. वहां गुलदस्ता रखकर वह तेजी से फरार हो गया. पुलिस ने रूप नगर इलाके में कार को रोका और सरबजीत समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया.
दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें हत्या की कोशिश, अनाधिकृत प्रवेश और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं. कोर्ट में सरबजीत सिंह के वकील ने पुलिस कस्टडी की मांग का विरोध किया. वकील ने कोर्ट को बताया कि सरबजीत मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज दिसंबर 2025 से चल रहा है. उनके अनुसार, सरबजीत अचानक बिना किसी को बताए अपनी बहन के पास चंडीगढ़ चला गया था. वहां गुरुद्वारे में गया और परिवार को भी नहीं पता था कि वह कहां गया है. करीब 14-15 दिन पहले चंडीगढ़ जाने के बाद उसे पता चला कि उसका भांजा हरमन सिंह 1 अप्रैल से लापता है. इस वजह से वह दिल्ली आया.
सरबजीत ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझा
वकील का दावा है कि सरबजीत ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझकर अंदर प्रवेश कर लिया और वह लापता भतीजे के मामले में पुलिस का ध्यान खींचना चाहता था. परिवार ने पुलिस को आरोपी के मानसिक इलाज के दस्तावेज भी सौंपे हैं. हालांकि, कोर्ट ने आरोपी के वकील से सवाल किया कि अगर सरबजीत पूरी तरह मानसिक रूप से अस्वस्थ है तो वह पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली तक कार चलाकर अकेले कैसे पहुंचा. इससे सवाल खड़े होते हैं. पुलिस ने सरबजीत का मेडिकल कराया है और उसकी मानसिक स्थिति की जांच भी कर रही है. पूछताछ में सरबजीत ने बताया कि वह भांजे की गुमशुदगी के मामले में परेशान था और पुलिस का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह कदम उठाया.
पुलिस जांच में सरबजीत के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी खंगाले जा रहे हैं. उसने खुद को बिजनेसमैन बताया है और किसान आंदोलन से जुड़े कुछ पोस्ट भी किए थे, जिन्हें बाद में हटा लिया गया था. पुलिस आरोपी के बैकग्राउंड, उसके रूट (पीलीभीत-बरेली-चंडीगढ़-दिल्ली) और संभावित साथियों की भी जांच कर रही है. यह घटना दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है. पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस किसी भी बड़े एंगल से इनकार नहीं कर रही है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें





