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नई दिल्ली में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और यूके के एयर चीफ मार्शल सर हार्वे स्मिथ के बीच हाई-लेवल मीटिंग हुई. इस मुलाकात में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते खतरों के बीच भू-रणनीतिक स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई. दोनों देशों ने डिफेंस इंटेलिजेंस और जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन्स को लेकर नए समझौते किए हैं. ग्वालियर एयरबेस के दौरे ने ब्रिटेन को भारत की हवाई ताकत का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया है.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मिले यूके एयर चीफ मार्शल (PTI Photo)
नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को यूनाइटेड किंगडम के एयर चीफ मार्शल सर हार्वे स्मिथ के साथ बंद कमरे में लंबी चर्चा की. यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी. यह बदलते हुए दौर में भारत और ब्रिटेन के बीच बनते नए सैन्य समीकरणों का सबसे बड़ा सबूत है. पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त दिल्ली पर टिकी हैं. क्योंकि दोनों दिग्गजों ने वर्तमान भू-रणनीतिक संकटों और आपसी हितों पर खुलकर बात की है. इस चर्चा का सीधा संदेश उन ताकतों को है जो एशिया में अस्थिरता फैलाना चाहती हैं. भारतीय सेना के एडीजीपीआई ने साफ कर दिया है कि इस मुलाकात का मकसद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है. भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा. वह अब ब्रिटेन जैसे देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शांति और सुरक्षा की योजनाएं बना रहा है.
ग्वालियर एयरबेस पर क्या देख गए सर हार्वे स्मिथ?
ब्रिटेन के एयर चीफ मार्शल ने केवल दिल्ली के दफ्तरों में बैठकर फाइलें नहीं देखीं. उन्होंने जमीन पर उतरकर भारत की असली ताकत का मुआयना किया. मंगलवार को सर हार्वे स्मिथ ग्वालियर स्थित इंडियन एयरफोर्स के फाइटर बेस पहुंचे. यहां उन्होंने भारतीय वायु योद्धाओं के साथ सीधा संवाद किया. ग्वालियर का यह बेस भारत के सबसे घातक लड़ाकू विमानों का ठिकाना है. ब्रिटिश एयर चीफ ने यहां के ऑपरेशन्स को अपनी आंखों से देखा.
एयर मार्शल बी. मणिकांतन ने उनका स्वागत किया. इस दौरे का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि रॉयल एयरफोर्स को भारतीय वायुसेना की कार्यक्षमता का अंदाजा लग गया. अब दोनों देशों की वायुसेनाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर युद्ध अभ्यास और ऑपरेशन्स करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह इंटरऑपरेबिलिटी आने वाले समय में युद्ध के मैदान में गेम चेंजर साबित होगी.
सीडीएस जनरल अनिल चौहान के साथ खुफिया सहयोग पर क्या हुई बात?
राजधानी में हलचल तब और बढ़ गई जब सीडीएस जनरल अनिल चौहान और सर हार्वे स्मिथ के बीच फाइलें खुलीं. इस मीटिंग में ट्रेनिंग एक्सचेंज और डिफेंस इंटेलिजेंस पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया. आज के दौर में युद्ध केवल गोलियों से नहीं बल्कि सही जानकारी से जीते जाते हैं. भारत और यूके अब अपनी खुफिया जानकारियां एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे.
जनरल अनिल चौहान ने 17वीं मिलिट्री सब ग्रुप मीटिंग की सफलता पर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी अब भविष्य के लिए तैयार है. लिंडी कैमरन की मौजूदगी में हुई इस चर्चा ने यह साफ कर दिया कि दोनों देश केवल पुरानी दोस्ती नहीं निभा रहे. बल्कि वे एक ऐसा ‘इंटिग्रेटेड मिलिट्री एंगेजमेंट’ बना रहे हैं जो किसी भी चुनौती को कुचलने में सक्षम होगा.
आतंकवाद और ग्लोबल सिक्योरिटी पर भारत का कड़ा रुख
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के साथ हुई बैठक में भी यही सुर सुनाई दिए. भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए सर हार्वे स्मिथ ने नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को नमन किया. यह सम्मान दिखाता है कि ब्रिटेन भारत के बलिदानों की कद्र करता है. लेकिन असली कहानी तो बंद कमरों की फाइलों में लिखी गई है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें





