दूल्हे ने पुरानी परंपरा को जिंदा कर चौंकाया! कैसे बिना धुएं और शोर के यादगार बन गई यह शादी – News18 हिंदी

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कैसे बिना धुएं और शोर के यादगार बन गई यह शादी?

 

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Ajab Gajab Shadi: आज के दौर में जहां शादियां महंगी गाड़ियों और डीजे के शोर से पहचानी जाती हैं. वहीं समस्तीपुर में एक ऐसी बारात निकली जिसने इतिहास को सजीव कर दिया. शहर के होटल स्वर्ग से गजराज पैलेस तक जब 35 जोड़ी सजी-धजी बैलगाड़ियों पर बाराती सवार होकर निकले, तो हर कोई ठिठक कर देखने लगा. यह अनोखा आयोजन प्रदीप सेठ के बेटे आलोक कुमार की शादी में देखने को मिला, जिनकी शादी रोसड़ा की रहने वाली नूतन से हुई है. इस पहल के पीछे मुख्य सोच पशु प्रेमी महेंद्र प्रधान की थी. उन्होंने आधुनिक चकाचौंध के बीच समाज को सादगी और प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया. दूल्हे आलोक ने भी इस पारंपरिक वेशभूषा और ग्रामीण साज-सज्जा वाली बारात को सफल पाकर खुशी जताई. बैलगाड़ियों को फूलों और पारंपरिक कपड़ों से किसी झांकी की तरह सजाया गया था. बुजुर्गों के लिए जहां यह यादों का झरोखा था, वहीं नई पीढ़ी के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था. सड़क किनारे खड़े लोग इस पल को मोबाइल में कैद करते नजर आए. समस्तीपुर की यह ‘ग्रीन वेडिंग’ अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जो यह साबित करती है कि आधुनिकता के बीच अपनी जड़ों को थामे रखना ही असली पहचान है.



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