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Amrit Bharat Station Scheme Dausa: दौसा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. इस परियोजना के अंतर्गत स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा, जिसमें बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम, यात्री सुविधाएं और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे. इसका उद्देश्य यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करना है. यह योजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं. नए और आधुनिक प्रतीक्षा कक्ष बनाए गए हैं, साथ ही पुराने शौचालयों का नवीनीकरण अत्याधुनिक फिटिंग के साथ किया गया है. दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं जैसे हेल्प बूथ, रेम्प, व्हीलचेयर सुविधा, अलग शौचालय, साइनज और बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है. दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग बनाई गई है. इसके साथ ही 4.10 करोड़ रुपये की लागत से ऊपरी पैदल पुल (FOB) का निर्माण किया गया है, जिसमें रेम्प और कवरिंग शेड भी शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए 1.08 करोड़ रुपये की लागत से दो लिफ्ट भी स्थापित की गई हैं.

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राजस्थान के दौसा रेलवे स्टेशन का व्यापक और सुनियोजित पुनर्विकास किया गया है. इस परियोजना पर लगभग 15.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसका उद्देश्य स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है. भारतीय रेलवे द्वारा इस योजना के तहत देशभर के प्रमुख स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक बनाया जा रहा है, जिसमें दौसा स्टेशन भी प्रमुख रूप से शामिल है. बढ़ती यात्री संख्या और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी गई.

दौसा रेलवे स्टेशन को तकनीकी रूप से भी सशक्त बनाया गया है. यात्रियों को सही जानकारी देने के लिए आधुनिक ट्रेन इन्फॉर्मेशन बोर्ड और कोच इंडिकेशन सिस्टम लगाए गए हैं. स्टेशन परिसर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है, जिससे निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है. इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट और सोलर पावर सिस्टम स्थापित किए गए हैं. यह कदम न केवल संसाधनों के संरक्षण में सहायक होंगे, बल्कि स्टेशन को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेंगे. इस पुनर्विकास से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास को भी नई गति मिलेगी.
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पुनर्विकास के तहत स्टेशन भवन का पूर्ण रूप से नवीनीकरण किया गया है. सर्कुलेटिंग एरिया को सुव्यवस्थित और विस्तारित किया गया है, जिससे यातायात का दबाव कम हो सके. यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ की समस्या में कमी आएगी. स्टेशन परिसर में आधुनिक पोर्च का निर्माण किया गया है, जिससे वाहनों का आवागमन सुगम हुआ है. इसके अलावा स्टेशन के अंदर और प्रतीक्षा कक्षों में भारतीय कला, संस्कृति और विरासत को दर्शाते सुंदर चित्र बनाए गए हैं, जो यात्रियों को सांस्कृतिक अनुभव भी प्रदान करते हैं.

दौसा रेलवे स्टेशन का इतिहास ब्रिटिश शासनकाल से जुड़ा हुआ है, जब इसे व्यापारिक गतिविधियों, शैक्षणिक आवागमन और सैन्य परिवहन के लिए विकसित किया गया था. यह स्टेशन दिल्ली-अहमदाबाद रेल मार्ग पर स्थित है और जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. वर्तमान में यहां 74 ट्रेनों का ठहराव होता है, जिससे यह क्षेत्र का प्रमुख यातायात केंद्र बना हुआ है. प्रतिदिन लगभग 14,742 यात्री इस स्टेशन का उपयोग करते हैं, जिससे इसकी उपयोगिता और महत्व और अधिक बढ़ जाता है.





