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स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है, ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी वसूली से परेशान अभिभावकों ने एफएफआरसी चेयरमैन को पत्र लिखकर इसपर लगाम लगाने की अपील की है. हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने एफएफआरसी चेयरमैन को पत्र लिखकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिकायत करने के साथ ही एनसीईआरटी किताबें, यूनिफॉर्म, बस्ते के वजन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर पेरेंट्स की मांग
शिक्षा का नया सत्र शुरू होते ही स्कूलों में दुकानें सज गई हैं और पेरेंट्स को इन्ही दुकानों से बच्चों की किताबें, यूनिफॉर्म और जरूरी सामान खरीदने का दवाब बनाया जा रहा है. यह हाल किसी एक शहर का नहीं है बल्कि उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों के प्राइवेट स्कूलों का है. हालांकि हरियाणा के कई जिलों में चल रहे स्कूलों के इस धंधे को लेकर अब हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने फीस एंड फंडस रेगुलेटरी कमेटी के चेयरमैन को पत्र लिखा है.
मंडल कमिश्नर फरीदाबाद को लिखे पत्र में लिखा है कि हरियाणा सरकार ने प्रत्येक मंडल कमिश्नर को फीस एंड फंड्स रेगुलेटरी कमेटी FFRC का चेयरमैन बनाया है. चेयरमैन को प्राइवेट स्कूलों की फीस एंड फंडस को रेगुलेट करने, प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावक संगठन या किसी भी अभिभावक द्वारा भेजी गई शिकायत पर उचित कार्रवाई करने व प्रत्येक स्कूल का हर साल ऑडिट करने का अधिकार दिया हुआ है. इसलिए पेरेंट्स की इन 6 मांगों पर तत्काल एक्शन लें.
क्या हैं पेरेंट्स की मांगें
- शिक्षा निदेशक पंचकूला व सीबीएसई ने कई बार सभी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया है कि सभी प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही लगवाई जायें. इस निदेश का तत्काल पालन किया जाए.
- यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को एनसीईआरटी की किताबों की जगह प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर ना किया जाए.
- स्कूलों के अंदर किताब कॉपी स्टेशनरी व अन्य किसी भी प्रकार की दुकान ना खोलने दी जाएं.
- स्कूल संचालक सिर्फ किताब व कॉपी की लिस्ट अभिभावकों को दें. अभिभावक बाजार में कहीं से उन्हें खरीदने के लिए स्वतंत्र हों.
- स्कूल संचालक 5 साल से पहले स्कूल की वर्दी ना बदलें.
- केंद्र सरकार के निर्देश पर शिक्षा निदेशक पंचकूला ने बस्ते का बजन कम करने के लिए नर्सरी से लेकर क्लास 12 तक के बच्चों के लिए बस्ते का वजन तय किया हुआ है. सभी जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में जाकर बच्चों के बस्ते का बजन नापें. अगर बस्ते का का वजन तय वजन से ज्यादा मिले तो तुरंत एक्शन लें.
मंच ने आगे लिखा है कि प्राइवेट स्कूल संचालक नियमों के विपरीत स्कूल में खुली किताब कॉपी की दुकान से या स्कूल द्वारा बताई गई दुकान से ही एनसीईआरटी की किताबों की जगह प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं.
जो कॉपी बाजार में 20 रुपये की मिलती है, स्कूल प्रबंधक उस पर अपने स्कूल का नाम लिखकर 40 से 50 रुपये में बेच रहे हैं. बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ाई न कर सकें इसके लिए स्कूल प्रबंधकों ने पुरानी किताबों के दो तीन चेप्टर बदल दिए हैं.
पेरेंट्स ने की अपील
मंच की ओर से कहा गया कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा किये जा रहे नियम विरुद्ध कामों की जांच कराकर उचित कार्रवाई करें और जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद,पलवल, नूंह को आदेश जारी करें कि वे हरियाणा बोर्ड व सीबीएसई के सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए एक जनरल सर्कुलर जारी करें. जिसमें कहा जाए कि सीबीएसई व शिक्षा विभाग हरियाणा के दिशा निर्देश के अनुसार अपने स्कूल में किसी भी प्रकार की किताब कॉपी बर्दी स्टेशनरी आदि की दुकान ना खोलें,अपने स्कूल में सिर्फ एनसीआरटी की किताबें ही लगाएं और अभिभावकों को अपने स्कूल की दुकान और को अपनी बताई गई दुकान से ही किताब कॉपी आदि खरीदने के लिए मजबूर ना करें. जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक स्कूल में प्रत्येक कक्षा में जाकर विद्यार्थी के बस्ते का वजन नापें. अगर निर्धारित वजन से ज्यादा बस्ते का वजन मिले तो उस स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें





