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मेरठ के अरुण कुमार भी अपने इलाके में अब ऊर्जा दाता बन गए हैं. अरुण ने बताया था कि वे बिजली के बिल की भारी बचत कर रहे हैं. इसके साथ ही वह अपनी एक्स्ट्रा बिजली सरकार को बेच भी रहे हैं. जयपुर के रहने वाले किसान मुरलीधर की कहानी भी बहुत ज्यादा शानदार है. पहले उनकी खेती पूरी तरह से सिर्फ डीजल पंप पर ही निर्भर थी. उन्होंने सोलर पंप लगाया तो खेती का तरीका पूरी तरह बदल गया.
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की बदौलत कईयों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं. (आईएएनएस)
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ पर बात करते हुए सौर ऊर्जा को लगाने के लिए प्रेरित करने के साथ ही इसके फायदे भी बताए. इसके साथ ही सौर ऊर्जा से रोजगार और कमाई पर भी बात की. प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप देश के किसी छोटे-बड़े शहर में जाएंगे तो एक बदलाव आप जरूर नोटिस करेंगे. आपको बड़ी संख्या में घरों की छत पर सोलर पैनल लगे हुए दिखाई देंगे. कुछ साल पहले तक ये इक्का-दुक्का घरों पर ही दिखता था. लेकिन आज ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का प्रभाव देश के कोने-कोने में दिखने लगा है.”
उन्होंने आगे कहा, “इस योजना की वजह से, गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले की पायल मुंजपारा के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने सूर्य पहल के माध्यम से सौर ऊर्जा टेक्नोलजी की ट्रेनिंग ली और 4 महीने का सोलर पीवी टेक्निशियन का कोर्स पूरा किया. अब वह एक कुशल सोलर टेक्निशियन बन गई हैं. पायल एक सोलर उद्यमी के तौर पर अपनी पहचान बना रही हैं. वे आस-पास के जिलों में सोलर पैनल लगाती हैं और इससे उन्हें हर महीने हजारों रुपए की आय होती है.”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “मेरठ के अरुण कुमार भी अब अपने इलाके में ऊर्जा दाता बन गए हैं. हाल ही में दिल्ली में हुए कार्यक्रम में अरुण कुमार ने हिस्सा लिया था और अपने अनुभव साझा किए थे. उन्होंने बताया था कि वे न केवल बिजली बिल की बचत कर रहे हैं, बल्कि अपनी अतिरिक्त बिजली बेच भी रहे हैं. जयपुर के मुरलीधर जी की सफलता भी कुछ ऐसी ही है. पहले उनकी खेती डीजल पंप पर निर्भर थी, जिसमें हर साल हजारों रुपए खर्च होते थे. जब उन्होंने सोलर पंप अपनाया, तो उनकी खेती का तरीका ही बदल गया. अब उन्हें ईंधन की चिंता नहीं रहती, सिंचाई समय पर होती है, और उनकी सालाना आय भी बढ़ गई है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अब उनका परिवार साफ ऊर्जा के साथ, बेहतर जीवन जी रहा है.”
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में कहा, ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का फायदा नॉर्थ ईस्ट के इलाकों में भी मिल रहा है. त्रिपुरा में रियांग जनजाति के कई गांव ऐसे थे, जहां बिजली की समस्या थी. अब सोलर मिनी ग्रिड के माध्यम से वहां के घरों में रोशनी रहती है. वहां बच्चे अब शाम के बाद भी पढ़ पा रहे हैं. लोग मोबाइल चार्ज कर पा रहे हैं और गांव का सामाजिक जीवन भी बदल गया है. देश में सौर ऊर्जा क्रांति के ऐसे न जाने कितने उदाहरण हैं. आप भी इस क्रांति से जुड़िये और दूसरों को भी जो को भी जोड़िये.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





