रिया कुमारी की कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है. गरीबी और संघर्ष के बावजूद, उसने अपनी लगन और हौसले से सफलता की राह पकड़ी. दरभंगा की रहने वाली रिया ने बर्तन मांजते-मांजते बोर्ड की तैयारी की और जब पटना बोर्ड ऑफिस से टॉपर्स वेरिफिकेशन के लिए कॉल आया है. उसकी मां की आंखों में खुशी के आंसू हैं. रिया के पिता कोयंबटूर में मजदूरी करते हैं, लेकिन बेटी की सफलता ने उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी है.





