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Pahalgam Attack Anniversary: ईरान जंग ने कई देशों में अस्थिरता पैदा कर दी है. पड़ोसी देश पाकिस्तान भी उनमें से एक है. दूसरी तरफ, अफगानिस्तान से टकराव इस्लामाबाद के लिए भारी पड़ रहा है. बलूचिस्तान में पहले से ही उथल-पुथल का आलम है. ऐसे में लोगों का महंगाई और अन्य तरह की समस्याओं पर से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की नापाक हरकत की जा सकती है. बता दें कि इस महीने पहलगाम अटैक की पहली बरसी भी है. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पर्यटकों पर कायराना तरीके से हमला किया गया था.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने पाकिस्तान को लेकर बड़ी बात कही है. (फोटो: PTI)
Pahalgam Attack Anniversary: आंतरिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के नेता जहर उगलने से बाज नहीं आ रहे हैं. बासित अली, इशाक डार जैसे नेता भारत के खिलफ अनाप-शनाप बयान देने से तनिक भी नहीं हिचकिचा रहे हैं. ईरान जंग के चलते पड़ोसी देश में महंगाई चरम पर है. खाने-पीने के लाल पड़े हुए हैं. अफगानिस्तान के साथ टकराव और बलूचिस्तान में सशस्त्र विद्रोह की आग में जल रहा पाकिस्तान भारत के खिलाफ किसी भी तरह का नापाक कदम उठा सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं. साथ ही यह भी बता दिया है कि इस बार भारत का जवाब अभूतपूर्व होगा. बता दें कि 1971 की जंग में पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था. अब तकरीबन 55 साल बाद पाकिस्तान से कटकर बलूचिस्तान नाम का एक और देश न बन जाए. नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भी पड़ोसी देश को ऑपरेशनी सिंदूर की याद दिलाई है. कुछ दिनों पहले भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे बासित अली ने भारत पर हमले की बात कही थी.
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के हालिया बयान ने भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए सैन्य तनाव को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने से कुछ ही मिनट दूर थी, लेकिन पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने के अनुरोध के बाद इस हमले को टाल दिया गया. मुंबई में आयोजित एक समारोह में बोलते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बल उच्चतम स्तर की तैयारियों में थे. उन्होंने कहा, ‘यह अब कोई छिपी हुई बात नहीं है कि हम समुद्र से पाकिस्तान पर हमला करने से कुछ ही मिनट दूर थे, जब उन्होंने हमसे हवाई हमले रोकने का अनुरोध किया. इस दौरान नौसेना की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश की समुद्री ताकत और त्वरित कार्रवाई क्षमता को साबित किया. गौरतलब है कि भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था. इस हमले में 26 लोगों (ज्यादातर पर्यटकों) की जान गई थी. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.
क्या बोले राजनाथ सिंह
दूसरी ओर, मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि भारत का पड़ोसी देश किसी भी तरह की ‘गलत हरकत’ कर सकता है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारत की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व और निर्णायक होगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण तनाव बढ़ा हुआ है. रक्षा मंत्री ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, ‘हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने में सक्षम और पूरी तरह तैयार हैं.’ साथ ही उन्होंने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात भी कही, भले ही वैश्विक हालात गंभीर क्यों न हों.
आक्रामक रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बयानों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत अब सुरक्षा के मुद्दों पर पहले से कहीं अधिक आक्रामक और तैयार रुख अपना रहा है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उससे जुड़े खुलासे यह दिखाते हैं कि भारत की सैन्य रणनीति अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि निर्णायक कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस सैन्य तनाव को लेकर कई दावे सामने आए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार यह दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाने में भूमिका निभाई. हालांकि भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच सीधे संवाद के जरिए तय हुआ था.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





