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‘भारत के जहाजों को सुरक्ष‍ित रास्‍ता देंगे, कोई टोल नहीं लेंगे’, होर्मुज संकट पर ईरान के राजदूत का भरोसा

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‘भारत के जहाजों को रास्‍ता देंगे, कोई टोल नहीं लेंगे’, बोले ईरान के राजदूत

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ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा क‍ि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की सुरक्ष‍ित आवाजाही हमारी गारंटी है. कोई टोल नहीं वसूल रहे हैं. भारत हमारा भरोसेमंद साझेदार है. इसके अलावा उन्‍होंने अमेरिका को नाकाबंदी पर चेतावनी दी.

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ईरान के राजदूत.

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने साफ कहा क‍ि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के जहाजों को सुरक्ष‍ित रास्‍ता देना हमारी गारंटी है. ईरान भारतीय जहाजों की आवाजाही के लिए विशेष प्रबंध कर रहा है. उन्‍होंने भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बताया, जबकि अमेरिका को नाकेबंदी करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी.

राजदूत फतहली ने कहा कि तेहरान और नई दिल्ली के बीच मजबूत संबंध हैं और ईरान होर्मुज से भारतीय जहाजों को निकालने के लिए विशेष व्यवस्था कर रहा है. भविष्य में भी भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देना जारी रखा जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच चर्चा हुई है. ईरान के विदेश मंत्री ने भारत को उन 5 प्रमुख देशों में रखा है जिनके साथ कूटनीतिक जुड़ाव को प्राथमिकता दी गई है.

भारत से नहीं ले रहे कोई टोल

फतहली ने स्पष्ट किया कि ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय टैंकरों से कोई टोल या शुल्क नहीं वसूला है. भारत सरकार ने भी टोल देने की खबरों का लगातार खंडन किया है. उन्होंने भारत सरकार और यहां के लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि कठिन समय में भारत ने खुद को एक भरोसेमंद और संवेदनशील साझेदार साबित किया है. दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं और दोनों के साझा हित हैं.

होर्मुज के ल‍िए ला रहे नया मैकेन‍िज्‍म

फतहली ने कहा कि होर्मुज ईरान का है और अब ईरान की व्‍यवस्‍था के अनुसार ही चलेगा. अगले कुछ द‍िनों में हम होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के ल‍िए एक मैकेन‍िज्‍म लेकर आएंगे. इसका जल्‍द ही ऐलान क‍िया जाएगा. ईरान के राजदूत ने आरोप लगाया क‍ि जब हम अमेर‍िका के साथ बातचीत की मेज पर थे, तब स्कूलों और अस्पतालों पर हमले क‍िए गए.

शांति और युद्ध दोनों के लिए तैयार

इस्लामाबाद में हुई हालिया बातचीत का जिक्र करते हुए फतहली ने कहा कि इसमें परमाणु चिंताएं, प्रतिबंधों से राहत और युद्ध का हर्जाना जैसे मुद्दे शामिल थे. उन्होंने कहा, हम शांति और बातचीत के लिए तैयार हैं. लेकिन आपको पता होना चाहिए कि ईरान युद्ध के लिए भी तैयार है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका अवैध मांगें करना बंद करता है और ईरान की शर्तें मानता है, तो ही दूसरे दौर की बातचीत संभव है.

नाकाबंदी पर अमेरिका को चेतावनी

अमेरिका के नाकाबंदी करने की धमकी पर ईरानी राजदूत ने कहा, अमेरिका अपने 42 दिनों के युद्ध के अनुभव से सीखे और सावधान रहे. असली ईरान को समझे. अमेरिका ने ईरान के नेता, सेना और जनता को कम आंकने की गलती की है, जिसके कारण उसे रणनीतिक असफलताओं का सामना करना पड़ा है. ईरान ने एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद 4 दशकों तक मजबूती से खड़े होकर दिखाया है. फतहली ने कहा कि ईरान के लिए कूटनीति उनके रक्षकों के संघर्ष का ही विस्तार है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका द्वारा किए गए वादों के उल्लंघन और उसकी ‘बुरी नीयत’ को न तो भूला है और न ही कभी भूलेगा.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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