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Bihar Inter topper: सपनों को पूरा करने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बड़े हौसले की जरूरत होती है-इस बात को गया की किसान परिवार की बेटी निशु कुमारी ने सच कर दिखाया है. सीमित साधनों के बीच पली-बढ़ी निशु ने इंटरमीडिएट कला संकाय में 479 अंक लाकर पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया और यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है.
गया की बेटी निशु कुमारी ने इंटर कला संकाय में पहला स्थान प्राप्त किया.
गयाजी. बिहार के गया जिले के किसान परिवार की बेटी निशु कुमारी ने इंटरमीडिएट कला संकाय में 479 अंक लाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. उनकी इस कामयाबी से परिवार के साथ-साथ पूरा गया जिला गौरवान्वित हुआ है. खिजरसराय प्रखंड के लोदीपुर गांव की रहने वाली निशु कुमारी ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. बता दें कि निशु कुमारी ने यशवंत इंटर स्कूल, खिजरसराय से इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी. उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर मेहनत और पढ़ाई के प्रति समर्पण का बड़ा योगदान है. उन्होंने अपने सभी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. विशेष रूप से भूगोल में 100 में 100 अंक प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इसके अलावा अंग्रेजी में 90, हिंदी में 97, इतिहास में 97 और राजनीतिक विज्ञान में 95 अंक हासिल किए हैं.
साधारण किसान परिवार से ऊंची उड़ान
निशु गयाजी जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत लोदीपुर गांव की निवासी हैं. उनके पिता अमोद कुमार एक साधारण किसान हैं, जबकि माता रिंकी कुमारी गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.
पूरे परिवार के लिए बनी प्रेरणा
बेटियों में निशु सबसे बड़ी हैं. उनके बड़े भाई नीरज कुमार गया कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि छोटी बहन सुप्रिया कुमारी वर्ष 2027 में इंटरमीडिएट की परीक्षा देगी. निशु की सफलता ने घर के अन्य बच्चों को भी प्रेरित किया है.
मैट्रिक से ही दिखा रही थीं प्रतिभा
निशु के पिता अमोद कुमार बताते हैं कि वह शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेहनती रही है. मैट्रिक परीक्षा में भी वह स्कूल की सेकंड टॉपर रही थी. उन्हें उम्मीद थी कि वह बिहार के टॉप 10 में जरूर आएगी, लेकिन बेटी ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर उम्मीदों से भी बढ़कर प्रदर्शन किया.
गांव और स्कूल में खुशी का माहौल
निशु की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है. गांव और स्कूल में लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है. वहीं यशवंत इंटर स्कूल में छात्रा निशु कुमारी का मिठाई खिलाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया. उनकी कामयाबी से स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों में भी खुशी का माहौल है.
निशु की कहानी यह संदेश देती है कि…
निशु कुमारी की सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो हालात कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकते.
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