महिला सैन्य अफसर सेना में स्थायी कमीशन की हकदार, सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत का बड़ा फैसला
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महिला सैन्य अफसर सेना में स्थायी कमीशन की हकदार, सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत का बड़ा फैसला
सेना में स्थायी कमीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, महिलाओं अधिकारियों को मिला स्थायी कमीशन को बरकरार रखने को कहा है। कोर्ट ने कहा उसमें कोई हस्तक्षेप नही किया जाएगा। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वे महिला अधिकारी SSCOs और हस्तक्षेपकर्ता, जिन्हें कार्यवाही के दौरान किसी भी स्तर पर सेवा से हटा दिया गया था, उन्हें यह माना जाएगा कि उन्होंने 20 साल की अपनी सेवा पूरी कर ली है और वे पेंशन के हकदार होंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें वेतन का बकाया नही मिलेगा.
एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) अधिकारियों के मूल्यांकन में मौजूद संस्थागत भेदभाव की कड़ी आलोचना की और कहा कि वे परमानेंट कमीशन (PC) की हकदार हैं.
‘पूर्ण न्याय’ सुनिश्चित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कोर्ट ने फैसला दिया कि महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन (PC) न देना मूल्यांकन के ढांचे में ही गहरे तक जमे भेदभाव का नतीजा था.
सीजेआई यानी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने फैसला सुनाया कि परमानेंट कमीशन के लिए प्रति वर्ष 250 महिला अधिकारियों की सीमा मनमानी है और इसे पवित्र नहीं माना जा सकता.
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