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मिया मुनीर दलाली में उलझे, अपने आर्मी चीफ ने ले लिया ‘प्रचंड’ अवतार, देखकर ही कांप उठेगा पाकिस्‍तान!

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मुनीर दलाली में उलझे, अपने आर्मी चीफ ने लिया ‘प्रचंड’ अवतार, कांप उठेगा पाक!

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थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एचएएल का दौरा कर स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी. यह दौरा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को दर्शाता है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मारक क्षमता के लिए डिजाइन किया गया प्रचंड, दुश्मन के ड्रोन और टैंकों के खिलाफ सेना को अभेद्य बढ़त देता है. जनरल की यह उड़ान भारतीय सेना की हवाई युद्ध क्षेत्र में बढ़ती ताकत का प्रतीक है.

जहां पड़ोसी मुल्क के हुक्मरान अमेरिका-ईरान में डील कराने की कोशिशों के बीच दलाली में उलझे हैं, वहीं भारत ने ‘प्रचंड’ अवतार लेकर दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी है. थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की स्वदेशी शिकारी प्रचंड हेलीकॉप्‍टर में भरी उड़ान ने पाकिस्तान की सीमाओं पर खलबली मचा दी है. रडार से ओझल और काल बनकर झपटने वाला यह प्रचंड अब दुश्मनों के हर दुस्साहस का अंत करने को तैयार है.

GENERAL UPENDRA DWIVEDI

हवाई युद्ध क्षेत्र पर नियंत्रण: आधुनिक युद्धभूमि अब केवल जमीन तक सीमित नहीं है. ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों के उदय ने ‘लो-एल्टीट्यूड एयरस्पेस’ यानी हवाई तटवर्ती क्षेत्र (Air Littoral) को युद्ध का नया केंद्र बना दिया है. प्रचंड जैसा फुर्तीला हेलीकॉप्टर सेना को कम ऊंचाई वाले हवाई क्षेत्र में नियंत्रण बनाए रखने और दुश्मन के खतरों का तुरंत जवाब देने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करता है.

ऊंचाई वाले क्षेत्रों का योद्धा: प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसे विशेष रूप से ऊंचे पहाड़ों के लिए डिजाइन किया गया है. यह 6,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई और विरल वातावरण में प्रभावी ढंग से काम कर सकता है. इसकी यह क्षमता इसे हिमालय जैसे दुर्गम क्षेत्रों में चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात करने के लिए सबसे उपयुक्त हथियार बनाती है.

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GENERAL UPENDRA DWIVEDI’S

मल्‍टी-डायमेंशनल कॉम्बैट रोल: अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सटीक हथियारों से लैस प्रचंड केवल हमला ही नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाता है. यह क्लोज एयर सपोर्ट (पैदल सेना की मदद), एंटी-आर्मर मिशन (दुश्मन के टैंकों को नष्ट करना) और सशस्त्र में माहिर है. सेना प्रमुख की उड़ान ने स्पष्ट किया कि यह प्लेटफॉर्म भविष्य के युद्धों में जमीनी बलों की जीत का आधार बनेगा.

आधुनिक खतरों का मुकाबला: आज के युद्धों में ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन का प्रभाव बढ़ गया है जिससे जमीनी सेना के सर्वाइवल पर संकट रहता है. प्रचंड अपनी गतिशीलता और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स के कारण इन खतरों के बीच भी डटकर मुकाबला कर सकता है. यह हेलीकॉप्टर थल सेना को हवाई सुरक्षा कवच प्रदान करता है, जिससे युद्ध की गति और परिणाम सीधे प्रभावित होते हैं.

Army Chief upendra dwivedi

रणनीतिक बदलाव का संकेत: जनरल द्विवेदी की यह उड़ान भारतीय सेना के बदलते युद्ध सिद्धांत को प्रदर्शित करती है. सेना अब केवल पारंपरिक हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि नेतृत्व की सोच और स्वदेशी तकनीक के मेल से ‘एयर-लैंड बैटल’ में महारत हासिल कर रही है. यह दौरा दुश्मनों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि भारतीय सेना अब हर मोर्चे पर तकनीक और नेतृत्व से लैस है.

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