मोतिहारी में व्यक्ति की जहरीली शराब पीने से मौत, पूरे गांव में पसरा मातम, गहरे शोक में डूबा परिवार, पत्नी…

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bihar liquor death: बिहार में जहरीली से मौत की घटना फिर एक बार सुर्खियों में है. पूर्वी चंपारण जिला के मोतिहारी के आस-पास के इलाकों से फिर ऐसे मामले सामने आए हैं जो हैरान करते हैं. बीते दिनों में जहरीली शराब से एक ऐसे व्यक्ति की मौत हुई कि पूरा गांव ही रो पड़ा, लोग उस व्यक्ति को बेहद शरीफ बताते हैं.

पूर्वी चंपारण. बिहार में जहरीली शराब का मुद्दा फिर से उछलता हुआ नजर आ रहा है. बता दें कि, बिहार के पूर्वी चंपारण में बीते दिनो में अब तक जहरीली शराब से कई मौतें हो चुकी हैं और कई लोग बीमार और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. इस बीच जहरीली शराब से एक ऐसे व्यक्ति की मौत होती है जिसके बाद पूरे गांव के लोगों की आंखे भीग जाती है. ये गांव पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया प्रखंड के शंकर -सरैया पंचायत में पड़ता है जिसका नाम है परसौना. यहां 2 अप्रैल को प्रमोद यादव नाम के व्यक्ति की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई. इस घटना के बाद उनके परिवार के साथ-साथ पूरा गांव ही दुख के सागर में डूब चुका है.

मृत व्यक्ति के बड़े भाई विनोद यादव बताते हैं कि उनका भाई प्रमोद यादव एक बेहद ही नेक इंसान था जो दूध बेचकर अपने परिवार की देखभाल करता था. वे ये भी बताते हैं कि प्रमोद एक सीधा-सादा कमाने खाने वाला व्यक्ति था और बेहद ही सौम्य स्वभाव का था. उनके अनुसार प्रमोद ने जरूर बुरी संगति में जहरीली शराब पी ली अन्यथा उन्होंने अपने भाई को शराब पीते हुए नहीं देखा.

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कानून व्यवस्था पर फिर सवाल
विनोद यादव परिवार के मौजूदा हालात के विषय में जानकारी देती हैं. वे बताते हैं कि इस समय पूरा परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है, बच्चे और बड़े -बुजुर्ग रो रहें हैं तो दूसरी तरफ प्रमोद की पत्नी सुगांती देवी गहरे सदमे में है और उसे पानी चढ़ाने की नौबत भी आन पड़ी है. उनका कहना है कि प्रमोद का इस दुनिया से जाना उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है और इस घटना के बाद प्रमोद के बच्चे बेसहारा हो गए हैं. प्रमोद के व्यक्तित्व के बारे में जब गांव वालो से बात हुई तो उन्होंने भी प्रमोद को एक बेहद शरीफ और नेक इंसान बताया. प्रमोद की असमय मौत के बाद गांव वाले भी बेहद दुखी और गहरी वेदना झेल रहे हैं. गांव के बुजुर्ग व्यक्ति अत्यंत रोष में हैं और पूरे घटनाक्रम के लिए सरकार को दोषी मानते हैं. उनका तर्क है कि अगर कानून व्यवस्था सही तरह से लागू होती तो जहरीली शराब मिलती ही नहीं और नहीं इतनी बड़ी क्षति होती.

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Mohd Majid

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