भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में विकास और सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में देश के रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और इसकी अभूतपूर्व परिचालन क्षमता पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में किए गए भारी निवेश का सीधा लाभ अब देश के गरीब और मध्यम वर्ग को मिल रहा है.
रेल मंत्री ने सदन को सूचित किया कि रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 76,352 स्पेशल ट्रेनें चलाईं. यह एक ऐसा आंकड़ा है जो भारतीय रेल के इतिहास में परिचालन की विशालता को दर्शाता है. वर्तमान में, रेलवे नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन 25,000 ट्रेनें दौड़ रही हैं, जिससे करोड़ों यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में सुगमता हो रही है. अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि रेलवे आज भी आम आदमी के लिए सफर का सबसे किफायती और सुलभ साधन बना हुआ है.
माल ढुलाई में ऐतिहासिक उपलब्धि
केवल यात्री सेवा ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली माल ढुलाई में भी रेलवे ने नया रिकॉर्ड बनाया है.
कुल माल ढुलाई: इस वर्ष रिकॉर्ड 1,670 मिलियन मीट्रिक टन माल की ढुलाई की गई.
वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई में 3.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
प्रमुख क्षेत्र: आयरन ओर (लौह अयस्क) की ढुलाई में 6.73 प्रतिशत और सीमेंट की ढुलाई में 3.41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो देश में निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों की तेजी का प्रमाण है.
सुरक्षा: 50 वर्षों में सबसे सुरक्षित साल
रेलवे की सबसे बड़ी उपलब्धि सुरक्षा के मोर्चे पर रही है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में केवल 16 दुर्घटनाएं हुईं, जो पिछले 50 वर्षों में सबसे कम है. सुरक्षा मानकों में सुधार, नई तकनीकों के समावेश और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की वजह से रेल सफर अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गया है.
‘होल्डिंग एरिया’: स्टेशनों पर भीड़ से मिलेगी मुक्ति
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने एक नई और आधुनिक पहल शुरू की है. देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर खास ‘होल्डिंग एरिया’ विकसित किए जा रहे हैं. मकसद, प्लेटफॉर्म पर होने वाली अनावश्यक भीड़ को कम करना. इन क्षेत्रों में बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, आधुनिक शौचालय, अतिरिक्त टिकट काउंटर और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) जैसी सुविधाएं होंगी.यहां CCTV कैमरे, लगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, बेहतर लाइटिंग और आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस ‘मॉडल होल्डिंग एरिया’ का सफल संचालन शुरू हो चुका है, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिल रही है.
आधुनिक भारत की आधुनिक रेल
अश्विनी वैष्णव के संबोधन से स्पष्ट है कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारतीय रेलवे को न केवल तेज, बल्कि सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाना है. रिकॉर्ड बजट आवंटन और तकनीक के सही तालमेल से रेलवे अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ गरीब और मध्यम वर्ग की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है.





