म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग केस: कोर्ट ने एनआईए हेडक्वार्टर में सुनवाई को दी मंजूरी

Date:


होमताजा खबरदेश

म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग केस में एनआईए हेडक्वार्टर में सुनवाई को मंजूरी

Last Updated:

अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें म्यांमार में आतंकी प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले की सुनवाई उसके मुख्यालय में करने की मांग की गई थी.

Zoom

आगे की सभी सुनवाई एनआईए मुख्यालय में करने का दिया आदेश.

नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें म्यांमार में आतंकी प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले की सुनवाई उसके मुख्यालय में करने की मांग की गई थी. सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकवाद रोधी एजेंसी एनआईए की मांग स्वीकार कर ली और निर्देश दिया कि मामले की आगे की सभी सुनवाई एनआईए मुख्यालय में की जाए, जहां आरोपियों को न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा.

आरोपी छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक को उनकी 11 दिन की हिरासत पूरी होने के बाद एनआईए अदालत में पेश किया जाना था. हालांकि, एजेंसी ने आवेदन दायर कर अनुरोध किया कि आगे की सुनवाई अदालत परिसर के बजाय उसके मुख्यालय में कराई जाए. याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपियों को नामित न्यायाधीश के समक्ष एनआईए मुख्यालय में पेश किया जाए, जहां अब आगे की कार्यवाही होगी.

एनआईए के अनुसार, यह मामला ‘अत्यंत संवेदनशील’ है और इसके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकते हैं. एजेंसी का आरोप है कि सातों आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए, फिर मिजोरम पहुंचे और वहां से अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश कर गए.
जांच में सामने आया है कि वे म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों के संपर्क में थे और कथित तौर पर हथियारों के इस्तेमाल तथा ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दे रहे थे. एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरणों की खरीद और आवाजाही में मदद की, जिनका इस्तेमाल सीमा पार प्रशिक्षण मॉड्यूल में किया गया.

यह मामला एनआईए की उस बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय विदेशी भाड़े के सैनिकों के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच की जा रही है.

पहले की जांच में संकेत मिले थे कि यह समूह 2024 से सक्रिय था और म्यांमार में उग्रवादी तत्वों को प्रशिक्षण दे रहा था. अधिकारियों के अनुसार, जांच केवल गिरफ्तार व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय सहयोगियों की पहचान करने और व्यापक साजिश का खुलासा करने पर भी केंद्रित है, जिसमें पूर्वोत्तर गलियारे का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय उग्रवादी गतिविधियों के लिए करने की कोशिश भी शामिल हो सकती है.

About the Author

authorimg

Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related