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Bihar Politics: राज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान से दूर रहे कांग्रेस और आरजेडी के विधायकों को लेकर बिहार की राजनीति में खास संदेश जाता दिख रहा है. नीतीश कुमार की सरकार ने विधानसभा की 19 समितियों के गठन में ऐसे विधायकों को भी अहम जिम्मेदारी देकर राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज कर दी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पटना. बिहार में विधानसभा की 19 समितियों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कुछ चौंकाने वाले नाम भी हैं. सूची के अनुसार, बिहार राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से दूर रहे कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के एमएलए फैसल रहमान को भी एक-एक कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, बाहुबली विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को पर्यटन उद्योग से संबंधित कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि अनंत कुमार सिंह को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति में बतौर सदस्य रखा गया है. बता दें कि यह गठन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है और इनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद समितियों के अध्यक्ष और सदस्योंकी सूची जारी कर दी गई है.
वोटिंग से दूर रहे विधायकों को भी जिम्मेदारी
दरअसल, इस गठन को राज्य की राजनीति में संतुलन साधने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि इस लिस्ट की दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से दूर रहे कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और आरजेडी के विधायक फैसल रहमान को भी एक-एक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए सभी पक्षों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है.
बाहुबली विधायकों को भी अहम भूमिका
सची में दिए गए नामों पर गौर करेंगे तो समितियों के गठन में कई चर्चित और प्रभावशाली विधायकों को भी जगह दी गई है. बाहुबली विधायक मनोरंजन सिंह को पर्यटन उद्योग से संबंधित समिति का चेयरमैन बनाया गया है. वहीं, अनंत कुमार सिंह को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
बिहार विधानसभा की समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों की पूरी सूची
प्रमुख समितियों में शीर्ष नेतृत्व शामिल
विधानसभा की नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति जैसे महत्वपूर्ण समितियों की कमान स्पीकर प्रेम कुमार के हाथ में ही रहेगी. इन समितियों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी को सदस्य बनाया गया है. इससे साफ है कि सरकार ने अहम फैसलों में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका सुनिश्चित की है.
संतुलन और संदेश की राजनीति
राजनीति के जानकारों के अनुसार, इस बार समितियों के गठन में सत्ता और विपक्ष दोनों को साधने की कोशिश की गई है. विभिन्न दलों के विधायकों को जिम्मेदारी देकर यह संदेश देने की कोशिश है कि विधानसभा की कार्यवाही में सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. प्रेम कुमार की अगुवाई में गठित ये समितियां आने वाले एक साल में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगी.
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