प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को माता जानकी की प्राकट्य स्थली सीतामढ़ी से जोड़ते हुए नेपाल सीमा तक जाने वाला ‘राम-जानकी पथ’ अब धरातल पर उतरने को तैयार है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सीतामढ़ी जिले के 35 गांवों की सूची जारी कर दी है. यह मार्ग न केवल दो महान धार्मिक केंद्रों को मिलाएगा. बल्कि बिहार के परिवहन मानचित्र पर एक आधुनिक अध्याय भी लिखेगा. सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र सहित परसौनी, रीगा, बथनाहा, परिहार और सुरसंड प्रखंड के गांवों से गुजरने वाला यह पथ क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा.
पुनौराधाम बनेगा पर्यटन का बड़ा केंद्र
इस राजमार्ग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सीधे पुनौराधाम मंदिर को जोड़ेगा, जहाँ माता सीता का भव्य मंदिर निर्माणाधीन है. करीब 240 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन मार्ग का निर्माण बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित मेहरौना घाट से शुरू होकर सीवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए भिट्ठामोड़ तक किया जाएगा। 146 किलोमीटर लंबे इस हिस्से का निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है. ‘थीम इंजीनियरिंग कंसलटेंट’ को इसकी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो एलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद काम में जुट गई है.
इन गांवों से होकर गुजरेगा विकास का रास्ता
परियोजना के तहत चयनित 35 गांवों में परसौनी उर्फ परसौनी मैलवार, अंडहारा, बेनीपुर, मदनपुर, देमा, भगवानपुर, बखरी, करनहिया, भोरहा, अन्हारी, पुनौरा, खैरवा, भवदेपुर, भगवानपुर पिपराही, कपरौल सिरोमन, रंजीतपुर, फतहपुर गिरमिसानी, सिरौली, बैराहा, कमलदह, दोस्तपुर, पंडौल, बथनाहा, तुरकौलिया, सिरसिया, सुतिहारा राम, बखरी, सुरगहिया, अदलपुर, हरारी दुलारपुर, बनौली, बराही, सुरसंड, गोपालपुर और श्रीखंडी भिट्टा शामिल हैं। इन गांवों में न केवल आवागमन सुलभ होगा, बल्कि सड़क किनारे की जमीनों की कीमतों में भी भारी उछाल आने की उम्मीद है.
आर्थिक समृद्धि और रोजगार के खुलेंगे द्वार
राम-जानकी पथ के निर्माण से सीतामढ़ी और आसपास के जिलों में धार्मिक पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. अयोध्या से आने वाले श्रद्धालु अब सीधे और कम समय में पुनौराधाम और जनकपुर तक पहुंच सकेंगे. इससे स्थानीय स्तर पर होटल, गाइड्स और परिवहन क्षेत्र में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे. इसके अतिरिक्त, राजमार्ग के किनारे नए औद्योगिक हब, लॉजिस्टिक पार्क और पेट्रोल पंप खुलने से बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। यह मार्ग न केवल सड़क की चौड़ाई बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर बिहार के किसानों और व्यापारियों के लिए बाजार तक पहुंच को भी आसान बना देगा.




